ट्रंप ने बताया कि ईरान ने पहले आठ बड़े तेल टैंकरों को और बाद में दो अन्य जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने दिया। उन्होंने इसे एक गिफ्ट बताया, जो बातचीत की दिशा में सकारात्मक संकेत है। ट्रंप ने यह भी कहा उन जहाजों में पाकिस्तान के झंडे लगे थे। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल की सप्लाई होती है। ऐसे में ईरान का यह कदम केवल आर्थिक नहीं, बल्कि कूटनीतिक संदेश भी माना जा रहा है कि वह तनाव कम करने की दिशा में कदम बढ़ा सकता है।ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने इस सैन्य अभियान को चार से छह हफ्तों में पूरा करने का लक्ष्य रखा था, लेकिन अब यह तय समय से काफी आगे बढ़ चुका है। उन्होंने कहा कि ईरान की सैन्य ताकत को भारी नुकसान हुआ है और उसकी नौसेना लगभग खत्म हो गई है। ट्रंप के अनुसार अमेरिका को ईरान के कई शहरों और सैन्य ठिकानों पर बढ़त हासिल है और वह लगातार उसके परमाणु हथियार, मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं को निशाना बना रहा है। उन्होंने इसे निर्णायक बढ़त बताया।ट्रंप ने कहा कि ईरान अब अंदर ही अंदर अपनी हार मान चुका है और समझौते के लिए मजबूर है, भले ही वह सार्वजनिक रूप से इससे इनकार कर रहा हो। उन्होंने यह भी कहा कि अगर सही समझौता होता है तो होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह खुल सकता है और वैश्विक सप्लाई सामान्य हो सकती है। वहीं, अमेरिका के मध्य पूर्व विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने कहा कि समझौते की संभावना मजबूत है और शक्ति के साथ शांति की नीति सबसे असरदार है। उन्होंने बताया कि अमेरिका ने ईरान को 15 सूत्रीय प्रस्ताव दिया है। फिलहाल हालात तनावपूर्ण हैं, लेकिन कूटनीतिक रास्ता खुला हुआ दिख रहा है।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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