रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत ने जलडमरूमध्य होर्मुज को पार करने वाले भारतीय जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि एलपीजी से लदे चार जहाज सुरक्षित रूप से भारत पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने और जहाजों की सुरक्षा के लिए हम कई देशों के संपर्क में हैं।विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए एक व्यापक रणनीति पर काम कर रहा है, जिसमें 1.4 अरब लोगों की आवश्यकताओं को पूरा करना, बाजार की गतिशीलता और वैश्विक परिस्थितियों का ध्यान रखना शामिल है। यह बहुआयामी दृष्टिकोण भारत की ऊर्जा कूटनीति का मूल आधार है।पश्चिम एशिया में चल रहे घटनाक्रमों पर भारत बारीकी से नजर रखे हुए है। जायसवाल ने जलडमरूमध्य होर्मुज से जहाजों के सुरक्षित और निर्बाध आवागमन को प्राथमिकता देने की भारत की निरंतर अपील को दोहराया। उन्होंने कहा कि भारत ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला की स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।रणधीर जायसवाल ने 1971 के ‘ऑपरेशन सर्चलाइट’ के दौरान पाकिस्तान द्वारा किए गए भयानक अत्याचारों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह नरसंहार लाखों निर्दोष बांग्लादेशी लोगों की लक्षित हत्याओं और महिलाओं के खिलाफ बड़े पैमाने पर यौन अपराधों से जुड़ा था।उन्होंने कहा कि इन अत्याचारों ने दुनिया को झकझोर दिया था, लेकिन पाकिस्तान आज भी अपने अपराधों से इनकार करता है। उन्होंने कहा कि भारत बांग्लादेश की न्याय की मांग का समर्थन करता है।जायसवाल ने बताया कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर पेरिस में जी7 विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग ले रहे हैं। उन्होंने फ्रांस, जर्मनी, दक्षिण कोरिया, जापान और ब्राजील सहित कई देशों के अपन …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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