केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क घटाने की वजह बताई। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में पिछले एक महीने के दौरान जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पुरी के अनुसार, क्रूड ऑयल की कीमतें करीब 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 122 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। दुनियाभार में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर पड़ा असर इस तेज उछाल का असर दुनियाभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर पड़ा है। दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में ईंधन की कीमतें 30% से 50% तक बढ़ी हैं, जबकि उत्तरी अमेरिका में करीब 30%, यूरोप में लगभग 20% और अफ्रीकी देशों में 50% तक वृद्धि देखी गई है। International crude prices have gone through the roof in the last 1 month from around 70 dollars/barrel to around 122 dollars/barrel. Consequently, petrol and diesel prices for consumers have gone up all over the world. Prices have increased by around 30%-50% in South East Asian… — Hardeep Singh Puri (@HardeepSPuri) March 27, 2026 सरकार के पास क्या विकल्प मौजूद थे? मंत्री ने कहा कि ऐसे हालात में भारत सरकार के सामने दो विकल्प थे या तो अन्य देशों की तरह आम नागरिकों पर कीमतों का सीधा बोझ डाला जाए, या फिर खुद वित्तीय दबाव झेलकर जनता को राहत दी जाए। पीएम मोदी के नेतृत्व में सरकार ने दूसरा विकल्प चुना और अंतरराष्ट्रीय कीमतों की मार से भारतीय नागरिकों को बचाने का फैसला किया। रूस-यूक्रेन संघर्ष के बाद पिछले चार वर्षों से सरकार इसी नीति पर कायम है। सरकार ने अपने कर राजस्व में की कटौती सरकार ने अपने कर राजस्व में कटौती करते हुए तेल कंपनियों के नुकसान को कम कर …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
Excise Duty Cut: ईरान में जंग के बीच भारत में उत्पाद शुल्क कटौती क्यों? पेट्रोलियम मंत्री पुरी ने बताया कारण
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क घटाने की वजह बताई। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में पिछले एक महीने के दौरान जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पुरी के अनुसार, क्रूड ऑयल की कीमतें करीब 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 122 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। दुनियाभार में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर पड़ा असर इस तेज उछाल का असर दुनियाभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर पड़ा है। दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में ईंधन की कीमतें 30% से 50% तक बढ़