बैठक में सरकार ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि भारत इस मुद्दे पर चुप नहीं है, बल्कि लगातार अपनी प्रतिक्रिया दे रहा है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने पश्चिम एशिया के हालात पर विस्तृत प्रस्तुति दी। सरकार ने यह भी बताया कि उसका सबसे बड़ा फोकस खाड़ी क्षेत्र में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा और देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना है, जिसमें अब तक सफलता मिली है।सरकार ने पाकिस्तान को लेकर साफ कहा कि वह लंबे समय से अमेरिका के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहा है। विदेश मंत्री के हवाले से कहा गया कि भारत ऐसी भूमिका नहीं निभाता और अपनी स्वतंत्र नीति पर चलता है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत किसी तीसरे देश के जरिए अपनी कूटनीति नहीं करता।विपक्ष ने आरोप लगाया कि भारत की प्रतिक्रिया कमजोर है, लेकिन सरकार ने इसे खारिज किया। सरकार ने बताया कि ईरान में भारतीय प्रतिनिधियों ने तुरंत जाकर संवेदना जताई थी और हर स्तर पर भारत सक्रिय है। सरकार ने कहा कि भारत हर स्थिति पर नजर रखे हुए है और जरूरी कदम उठा रहा है।कांग्रेस के तारिक अनवर ने कहा कि पाकिस्तान सक्रिय भूमिका निभा रहा है, जबकि भारत मूक दर्शक बना हुआ है। विपक्ष ने सरकार के जवाबों को असंतोषजनक बताते हुए लोकसभा और राज्यसभा में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की मांग की। बैठक में कई विपक्षी नेताओं ने सुरक्षा, विदेश नीति और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर सवाल उठाए।सरकार ने दोहराया कि उसकी प्राथमिकता भारतीयों की सुरक्षा और देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना है। सरकार ने भरोसा दिलाया कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तैयारी है। साथ ही यह संदेश भी दिया गया कि देश को एकजुट रहकर इस स्थिति का सामना …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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