हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन यानी मंगलवार को घरेलू बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ। बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में करीब दो प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1372.06 अंक या 1.89 प्रतिशत बढ़कर 74,068.45 पर बंद हुआ। 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 445.15 अंक या 1.98 प्रतिशत चढ़कर 23,408.80 पर बंद हुआ। क्या है विशेषज्ञों की राय? डॉलर के मुकाबले मंगलवार को रुपया 35 पैसे गिरकर 93.88 (अस्थायी) पर आ गया, क्योंकि प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर के मजबूत होने और वैश्विक कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने निवेशकों को भयभीत कर दिया। विदेशी मुद्रा व्यापारियों का कहना है कि पश्चिम एशिया संकट को लेकर अनिश्चितताओं के बीच विदेशी निधि की निकासी से स्थानीय मुद्रा पर और दबाव पड़ा है।अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में, स्थानीय मुद्रा डॉलर के मुकाबले 93.66 पर खुली और पूरे सत्र में अस्थिर बनी रही। अंततः यह 93.88 (अस्थायी) पर बंद हुई, जो पिछले बंद भाव से 35 पैसे कम है। सोमवार को रुपया पहली बार अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94 के स्तर को पार कर गया, लेकिन अंत में 93.53 पर स्थिर बंद हुआ। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि रिकवरी के बावजूद निवेशकों का भरोसा पूरी तरह नहीं लौटा है। बैंकिंग और बाजार विशेषज्ञ अजय बग्गा ने कहा कि वैश्विक हालात अभी भी अनिश्चित हैं और बाजार में भारी अस्थिरता देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर आ रही खबरें और फिर उनके खंडन से बाजार तेजी से प्रभावित हो रहा है, जिससे कुछ निवेशक पहले से पोजिशन लेकर मुनाफा कमा रहे हैं। इस बीच, सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा ढांचे पर प्रस्तावित सैन्य हमलों को पांच दिनों के …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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