इसके साथ ही यात्रा का उद्देश्य राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से फरवरी 2025 में जारी संयुक्त वक्तव्य में तय लक्ष्यों को आगे बढ़ाना और अमेरिका-भारत प्रमुख रक्षा साझेदारी के ढांचे को लागू करना होगा। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस दौरे की पुष्टि करते हुए कहा है कि हम उनके स्वागत के लिए उत्सुक हैं।कोल्बी को ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में अमेरिकी रक्षा नीति के निर्माण में प्रमुख व्यक्तियों में से एक माना जाता है। यह उनकी भारत की पहली यात्रा है। इससे ठीक पहले हिंद-प्रशांत कमांडर एडमिरल सैमुअल पापारो और अमेरिकी अंतरिक्ष कमान के प्रमुख जनरल स्टीफन व्हाइटिंग समेत वरिष्ठ अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने भारत का दौरा किया था।इस दौरे का समय विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के साथ मेल खाता है। इस क्षेत्रीय युद्ध के कारण भारत और अन्य एशियाई देशों के लिए “कच्चे तेल, गैस और उर्वरक जैसे प्रमुख उत्पादों की आपूर्ति श्रृंखलाएं बाधित” हुई हैं।इस पृष्ठभूमि में, यह कूटनीतिक पहल ऐसे समय में हुई है जब नई दिल्ली और वाशिंगटन ने हाल के तनावपूर्ण दौर के बाद द्विपक्षीय संबंधों को सुधारने के प्रयासों को तेज कर दिया है। पहले व्यापार विवादों, मई में भारत-पाकिस्तान संघर्ष और भारत द्वारा रूसी ऊर्जा की खरीद के कारण इन मतभेदों को बढ़ावा मिला था।इस दौरे पर फरवरी में व्यापार समझौते की रुपरेखा पर फिर से बातचीत होने की संभावना भी है। गौरतलब है कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ को अवैध घोषित कर दिया था। इसी के चलते व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की जरूरत पड़ी है। इसके अलावा यह दौरा अक्टूबर में …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
पश्चिम एशिया संकट के बीच आज भारत आएंगे अमेरिकी युद्ध नीति के उप सचिव कोल्बी, राजदूत सर्जियो गोर ने दी जानकारी
इसके साथ ही यात्रा का उद्देश्य राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से फरवरी 2025 में जारी संयुक्त वक्तव्य में तय लक्ष्यों को आगे बढ़ाना और अमेरिका-भारत प्रमुख रक्षा साझेदारी के ढांचे को लागू करना होगा। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस दौरे की पुष्टि करते हुए कहा है कि हम उनके स्वागत के लिए उत्सुक हैं।कोल्बी को ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में अमेरिकी रक्षा नीति के निर्माण में प्रमुख व्यक्तियों में से एक माना जाता है। यह उनकी भारत की पहली यात्