इस बीच, कई विपक्षी दलों ने सरकार को पत्र लिखकर मांग की है कि महिला आरक्षण कानून के कार्यान्वयन पर चर्चा के लिए एक सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए। विपक्ष का कहना है कि यह बैठक मौजूदा विधानसभा चुनावों के संपन्न होने के बाद आयोजित की जाए।सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस मुद्दे पर आम सहमति बनाने के लिए एनडीए और गैर-कांग्रेसी विपक्षी दलों के सदन के नेताओं के साथ अलग-अलग बैठकें की। ताकि आम सहमति बन सके। यदि सहमति बनती है, तो ये दो विधेयक इसी सप्ताह संसद में पेश किए जा सकते हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, लोकसभा सीटों की संख्या वर्तमान 543 से बढ़ाकर 816 की जा सकती है, जिसमें 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।मामले को लेकर कई दलों की महिला सांसदों ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया है। जदयू सांसद लवली आनंद ने इसे एक सराहनीय कदम बताते हुए कहा कि राजनीति में महिलाओं की अधिक भागीदारी से देश की प्रगति तेज होगी। उन्होंने प्रधानमंत्री और बिहार के मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना की।भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने कहा कि यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आधी आबादी से किए गए वादे को पूरा करता है। उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों के प्रयास महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए रहे हैं, जिससे नीति-निर्माण में उनकी भूमिका बढ़ेगी।वहीं, समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने पहल का स्वागत करते हुए कार्यान्वयन की स्पष्टता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आरक्षण के मानदंड और व्यवस्थाएं क्या होंगी। हम सरकार की इस पहल से खुश हैं।संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्ष …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
महिला आरक्षण कानून: संसद में आ सकते हैं दो नए विधेयक, विपक्ष बोला- सर्वदलीय बैठक बुलाए सरकार
इस बीच, कई विपक्षी दलों ने सरकार को पत्र लिखकर मांग की है कि महिला आरक्षण कानून के कार्यान्वयन पर चर्चा के लिए एक सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए। विपक्ष का कहना है कि यह बैठक मौजूदा विधानसभा चुनावों के संपन्न होने के बाद आयोजित की जाए।सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस मुद्दे पर आम सहमति बनाने के लिए एनडीए और गैर-कांग्रेसी विपक्षी दलों के सदन के नेताओं के साथ अलग-अलग बैठकें की। ताकि आम सहमति बन सके। यदि सहमति बनती है, तो ये दो विधेयक इसी सप्ताह संसद में पेश किए जा सकते हैं। उपलब्ध जा