28 फरवरी को जारी अंतिम वोटर लिस्ट में करीब 60 लाख नाम अंडर एडजुडिकेशन यानी जांच के दायरे में रखे गए थे। इसके बाद 705 न्यायिक अधिकारियों को इन मामलों की जांच सौंपी गई थी। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल के अनुसार, अब तक लगभग 29 लाख नामों पर फैसला लिया जा चुका है।हालांकि, अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि पूरक मतदाता सूची में कितने नाम जोड़े गए हैं और कितने हटाए गए हैं। कई लोगों ने यह भी शिकायत की कि वेबसाइट पर सूची उपलब्ध होने के बावजूद उसे डाउनलोड करने में दिक्कत आ रही है।अधिकारियों ने बताया कि यह पूरी प्रक्रिया काफी विस्तृत और पारदर्शी रही है। 705 न्यायिक अधिकारियों को इस काम में लगाया गया था, जिन्होंने तय किया कि किस नाम को सूची में शामिल करना है और किसे हटाना है। आयोग ने कहा कि यह प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के तहत की गई है, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो।पश्चिम बंगाल की 294 सीटों पर 23 और 29 अप्रैल को मतदान होना है और 4 मई को नतीजे आएंगे। सूची जारी होने के बाद राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को भी कड़ा कर दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, यह सूची ECI Net ऐप सहित कई आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई जाएगी। जैसे-जैसे जांच प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और सप्लीमेंट्री सूचियां भी जारी की जाएंगी। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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