1 of 4 पीएम मोदी का भाषण - फोटो : Amar Ujala Link Copied पश्चिम एशिया में जारी जंग के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि बीत दो तीन हफ्तों में जयशंकर जी ने और हरदीप पुरी जी ने सदन को जानकारी दी है। इसका पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था पर और लोगों के जीवन पर विपरीत असर हो रहा है। यह वीडियो/ हटाएं 2 of 4 पीएम मोदी - फोटो : Amar Ujala युद्ध प्रभावित देशों के साथ भारत के रिश्तों पर बोले पीएम एक करोड़ भारतीय खाड़ी देशों में रहते हैं और काम करते हैं। वहां समुद्र में जो वाणिज्यिक शिप चलते हैं, उनमें भारतीय क्रू मेंबर्स की संख्या काफी ज्यादा है। इन कारणों की वजह से भारत की चिंताएं अधिक हैं। यह आवश्यक है कि भारत की संसद से इस संकट को लेकर एकमत और एकजुट आवाज दुनिया में जाए। उन्होंने कहा कि युद्ध से प्रभावित देशों के साथ भारत के व्यापक व्यापारिक रिश्ते हैं। जिस क्षेत्र में युद्ध हो रहा है, वह दुनिया के दूसरे देशों के साथ हमारे व्यापार का भी एक अहम रास्ता है। खासकर कच्चे तेल और गैस की जरूरतों का बड़ा हिस्सा यही क्षेत्र पूरा करता है। हमारे लिए यह क्षेत्र एक और कारण से भी अहम है। लगभगदेशों में रहते हैं और काम करते हैं। वहां समुद्र में जो वाणिज्यिक शिप चलते हैं, उनमें भारतीय क्रू मेंबर्स की संख्या काफी ज्यादा है। इन कारणों की वजह से भारत की चिंताएं अधिक हैं। यह आवश्यक है कि भारत की संसद से इस संकट को लेकर एकमत और एकजुट आवाज दुनिया में जाए। भारतीयों की सुरक्षा का दिया आश्वासन उन्होंने कहा कि जबसे यह युद्ध शुरू हुआ है, तबसे ही प्रभावित देशों में भारतीयों को जरूरी मदद दी जा रही है। मैंने पश्चिम एशिया के ज्यादातर राष्ट्र …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
पश्चिम एशिया संकट: PM मोदी ने संसद से दुनिया को दिए बड़े संदेश, भारत के फैसले-रुख कैसे? 10 ग्राफिक्स में देखें
1 of 4 पीएम मोदी का भाषण - फोटो : Amar Ujala Link Copied पश्चिम एशिया में जारी जंग के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि बीत दो तीन हफ्तों में जयशंकर जी ने और हरदीप पुरी जी ने सदन को जानकारी दी है। इसका पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था पर और लोगों के जीवन पर विपरीत असर हो रहा है। यह वीडियो/ हटाएं 2 of 4 पीएम मोदी - फोटो : Amar Ujala युद्ध प्रभावित देशों के साथ भारत के रिश्तों पर बोले पीएम एक करोड़ भारतीय खाड़ी देशों में रहते हैं और काम करते हैं। वहां समुद्र में ज