चालकों का कहना है कि एग्रीगेटर कंपनियां जैसे ऊबर या ओला ड्राइवर्स का तो कड़ा वेरिफिकेशन करती हैं, लेकिन यात्रियों की पहचान सुनिश्चित नहीं की जाती। एक चालक ने कहा कि हमे फर्जी और असत्यापित यात्रियों से सुरक्षा चाहिए। यात्रियों का केवाईसी होने से अपराधों पर लगाम लगेगी।कैब में यात्रियों और ड्राइवरों के लिए एसओएस बटन जैसे फीचर्स तो हैं, लेकिन चालकों ने इनकी प्रभावशीलता पर भी सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि इमरजेंसी में ये फीचर्स समय पर मदद नहीं पहुंचा पाते, जिससे ड्राइवर असुरक्षित महसूस करते हैं।चालकों ने जनवरी में हुई 25 वर्षीय सूरज सिंह की हत्या का जिक्र किया, जिसका उसकी अपनी ही गाड़ी में गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। ऐसी घटनाओं के बाद चालकों में अपनी जान को लेकर गहरा डर बना हुआ है।विरोध कर रहे चालकों का आरोप है कि कभी-कभी ग्राहक उनसे दुर्व्यवहार भी करता है, जिसकी शिकायत करने के लिए कोई ठोस सिस्टम नहीं है। इसलिए वे एक ऐसी व्यवस्था की मांग कर रहे हैं, जहां वे बिना किसी डर के न केवल अपनी शिकायत दर्ज करवाएं, बल्कि उसपर सुनवाई भी हो।आज यानी 23 मार्च को गुरुग्राम के यात्रियों को हड़ताल की वजह से आवागमन में काफी परेशानी हो सकती है। आमतौर पर एक मिनट में मिलने वाली कैब के लिए यात्रियों को 15 मिनट से अधिक समय तक इंतजार करना पड़ सकता है। मेट्रो स्टेशनों और ऑफिस जाने वाले लोगों के लिए यह पड़ताल एक मुसीबत बन गई है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
गुरुग्राम में आज कैब मिलना मुश्किल: ड्राइवर्स की रहेगी हड़ताल; जानें क्यों सुरक्षा को लेकर सड़कों पर उतरे चालक
चालकों का कहना है कि एग्रीगेटर कंपनियां जैसे ऊबर या ओला ड्राइवर्स का तो कड़ा वेरिफिकेशन करती हैं, लेकिन यात्रियों की पहचान सुनिश्चित नहीं की जाती। एक चालक ने कहा कि हमे फर्जी और असत्यापित यात्रियों से सुरक्षा चाहिए। यात्रियों का केवाईसी होने से अपराधों पर लगाम लगेगी।कैब में यात्रियों और ड्राइवरों के लिए एसओएस बटन जैसे फीचर्स तो हैं, लेकिन चालकों ने इनकी प्रभावशीलता पर भी सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि इमरजेंसी में ये फीचर्स समय पर मदद नहीं पहुंचा पाते, जिससे ड्राइवर असुरक्षित महसूस करते हैं।चालको