काट्ज ने कहा कि इन हमलों का उद्देश्य ईरानी शासन और उससे जुड़े बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना है। काट्ज ने कहा कि हम ईरानी शासन के खिलाफ आक्रामक अभियान का नेतृत्व जारी रखने, उसके कमांडरों का सिर कलम करने और उसकी रणनीतिक क्षमताओं को निष्क्रिय करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।रक्षा मंत्री ने जोर देकर कहा कि यह अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक इस्राइल और क्षेत्र में अमेरिकी हितों के लिए मौजूद हर सुरक्षा खतरे को समाप्त नहीं कर दिया जाता। उन्होंने कहा, ‘‘आईडीएफ मजबूत है और इस्राइली नागरिक मोर्चा भी मजबूत है। जब तक युद्ध के सभी लक्ष्य हासिल नहीं हो जाते, हम रुकने वाले नहीं हैं।‘‘इस बीच ब्रिटेन ने हिंद महासागर में स्थित यूके-अमेरिका सैन्य अड्डे डिएगो गार्सिया को निशाना बनाने के लिए ईरान की निंदा की है। इस हमले की दूरी से संकेत मिलता है कि तेहरान की मिसाइल क्षमता पहले के अनुमान से अधिक ज्यादा है। वहीं, ईरान के नतांज परमाणु संवर्धन ठिकाने पर हवाई हमला होने की खबर सामने आई है। ईरानी सरकारी एजेंसी के अनुसार इस हमले में कोई रेडिएशन लीक नहीं हुआ। हालांकि इस्राइल ने इस हमले में अपनी भूमिका से इनकार किया है।अब तक इस युद्ध में ईरान में 1,300 से अधिक, लेबनान में 1,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इजरायल में 15 और अमेरिकी सेना के 13 जवानों की भी जान गई है। खाड़ी क्षेत्र में भी कई नागरिक हताहत हुए हैं, जबकि लाखों लोग ईरान और लेबनान में विस्थापित हो चुके हैं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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