ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड और जापान ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि निहत्थे वाणिज्यिक जहाजों पर हमले वैश्विक व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा के लिए सीधा खतरा हैं। इन देशों ने ईरान से तुरंत ड्रोन, मिसाइल हमले और समुद्र में बारूदी सुरंग बिछाने जैसी गतिविधियां रोकने की मांग की है। साथ ही सुरक्षित समुद्री मार्ग सुनिश्चित करने में सहयोग देने की बात कही गई है। बयान में ऊर्जा बाजार को स्थिर रखने के लिए रणनीतिक तेल भंडार जारी करने और उत्पादन बढ़ाने के प्रयासों का भी जिक्र किया गया है।ब्रिटेन के पीएम स्टारमर ने कहा कि इस तरह के हमले क्षेत्र की स्थिरता के लिए गंभीर खतरा हैं। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन इस संकट का जल्द समाधान चाहता है। उनके अनुसार, युद्ध खत्म करना ही महंगाई और वैश्विक दबाव को कम करने का सबसे तेज तरीका है।संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अमेरिका और इस्राइल से ईरान के खिलाफ युद्ध खत्म करने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यह संघर्ष पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो सकता है। गुटेरेस ने ईरान से भी कहा कि वह पड़ोसी देशों पर हमले बंद करे। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की मांग की, ताकि वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति सामान्य हो सके।जर्मनी ने साफ कर दिया है कि वह पश्चिम एशिया में तब तक कोई हस्तक्षेप नहीं करेगा, जब तक युद्ध जारी है। चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने कहा कि जर्मनी केवल तब भूमिका निभाएगा, जब हालात शांत होंगे। उन्होंने कहा कि जर्मनी समुद्री रास्तों को सुरक्षित बनाने में मदद कर सकता है, लेकिन यह तभी संभव है जब युद्ध रुक जाए। इस बयान से साफ है कि यूरोपीय देश सीधे सैन्य भूमिका से दूरी बनाए हुए हैं।फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्र …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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