मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा में गवर्नर के अभिभाषण के दौरान केसीआर की गैरहाजिरी लोकतांत्रिक मूल्यों का अपमान है। उन्होंने यह भी कहा कि 4 करोड़ तेलंगाना वासियों की उम्मीद थी कि पूर्व मुख्यमंत्री नए गवर्नर के अभिभाषण के समय औपचारिक शुभकामनाएं देने के लिए आएंगे।रेवंत रेड्डी ने विधानसभा में कहा “नेता प्रतिपक्ष को लगातार अपनी जिम्मेदारियों से दूर रहने पर बहस और निर्णय की आवश्यकता है। किसी भी सरकारी पद पर बैठे व्यक्ति को बिना कार्य किए सैलरी लेना उचित नहीं है। मैं किसी का नाम विशेष रूप से नहीं ले रहा हूं।” उन्होंने केसीआर से अपील की कि वे विधानसभा में आएं और बहसों के दौरान अपने सुझाव दें। उन्होंने कहा कुछ लोग खुद को राजा समझते हैं और चुनाव में जनता की निर्णय को भूल जाते हैं, लोकतंत्र का मजाक उड़ाते हुए तानाशाही व्यवहार करते हैं।रेवंत रेड्डी ने बीआरएस सरकार पर राज्य के भारी कर्ज लेने का भी आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2013 से दिसंबर 2023 तक केसीआर के नेतृत्व वाली सरकार ने 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज लिया। वर्तमान सरकार ने दिसंबर 2023 से फरवरी 2026 के बीच 1.69 लाख करोड़ का कर्ज लिया और बीआरएस द्वारा लिए गए 1.76 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया। उन्होंने कहा कि बीआरएस सरकार ने 11.90 प्रतिशत उच्च ब्याज दर पर कर्ज लिया था, जिसे उन्होंने केंद्र सरकार से बात कर पुनर्गठित कराया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का उन्होंने सहयोग के लिए धन्यवाद भी दिया।रेवंत रेड्डी ने बीआरएस द्वारा उनके अतिक्रमण विरोधी अभियान पर आलोचना का जवाब देते हुए पुराने वीडियो भी दिखाए, जिसमें केसीआर और के टी रामाराव अतिक्रमण हटाने का समर्थन कर रहे थे। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
KCR पर सीएम रेवंत रेड्डी का करारा हमला: कहा- एक करोड़ से अधिक वेतन लिया, लेकिन विधानसभा से अब भी गैरहाजिर
मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा में गवर्नर के अभिभाषण के दौरान केसीआर की गैरहाजिरी लोकतांत्रिक मूल्यों का अपमान है। उन्होंने यह भी कहा कि 4 करोड़ तेलंगाना वासियों की उम्मीद थी कि पूर्व मुख्यमंत्री नए गवर्नर के अभिभाषण के समय औपचारिक शुभकामनाएं देने के लिए आएंगे।रेवंत रेड्डी ने विधानसभा में कहा "नेता प्रतिपक्ष को लगातार अपनी जिम्मेदारियों से दूर रहने पर बहस और निर्णय की आवश्यकता है। किसी भी सरकारी पद पर बैठे व्यक्ति को बिना कार्य किए सैलरी लेना उचित नहीं है। मैं किसी का नाम विशेष रूप से नहीं ले रह