और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं युद्ध के कारण तेल की कीमतों में उछाल अंतरराष्ट्रीय मानक माने जाने वाले ब्रेंट क्रूड तेल की कीमत 114 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। 28 फरवरी को इस्राइल और अमेरिका ने ईरान पर हमले शुरू किए थे, इसके बाद से इसमें 57 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हो चुकी है। ऊर्जा संकट की आशंका के कारण बाजारों में चिंता बढ़ गई है। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के तट के पास एक जहाज में आग लग गई और कतर के पास एक अन्य जहाज को नुकसान पहुंचा। इससे होर्मुज जलडमरूमध्य पर मंडराते खतरे की ओर ध्यान गया, जहां से दुनिया के तेल का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है और जिस पर ईरान का प्रभाव है। सऊदी अरब पहले ही इस जलमार्ग से बचने के लिए तेल को पश्चिम की ओर लाल सागर के रास्ते भेज रहा था, लेकिन यनबू शहर में स्थित उसकी सैमरेफ रिफाइनरी पर ईरानी ड्रोन हमले के बाद इस रास्ते की सुरक्षा पर भी सवाल उठ गए हैं। कतर ने बताया कि उसकी एक बड़ी एलएनजी सुविधा में लगी आग पर काबू पा लिया गया है। इससे पहले के हमलों के कारण उत्पादन पहले ही बंद था। लेकिन नए हमलों से वहां और ज्यादा नुकसान हुआ है। इससे युद्ध खत्म होने के बाद भी कतर की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। कतर दुनिया के लिए प्राकृतिक गैस का एक बड़ा स्रोत है। कुवैत में रिफाइनरी पर ड्रोन हमला कुवैत की मीना अल-अहमदी रिफाइनरी पर ड्रोन हमले से आग लग गई। हालांकि, किसी के घायल होने की खबर नहीं है। यह पश्चिम एशिया की सबसे बड़ी रिफाइनरियों में से एक है। इसके कुछ ही समय बाद पास की मीना अब्दुल्ला रिफाइनरी में भी आग लग गई। ये भी पढ़ें: हमलों से भरोसा पूरी तरह खत्म हो गया: सऊदी राजनयिक अबू धाबी के अधिकारियों ने बत …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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