देवेगौड़ा ने कहा कि खरगे ने संसद में मजाकिया अंदाज में कहा था कि वह कांग्रेस से प्यार करते थे, लेकिन अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के साथ चले गए। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए देवेगौड़ा ने कहा कि अगर उसी भाषा में जवाब दें तो कांग्रेस के साथ उनका रिश्ता मजबूरी का था। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के साथ उनका अनुभव अच्छा नहीं रहा और हालात ऐसे बने कि अलग होना पड़ा।देवेगौड़ा ने साफ किया कि उन्होंने कांग्रेस गठबंधन को नहीं छोड़ा, बल्कि कांग्रेस ही उनसे अलग हुई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने उन्हें ऐसी स्थिति में छोड़ दिया जहां उनके पास कोई विकल्प नहीं बचा। इसके बाद उन्होंने स्थिर और मजबूत गठबंधन की तलाश की। उनके इस बयान से साफ है कि पुराने सहयोगियों के बीच दूरी अभी भी बनी हुई हैं।राज्यसभा में आमतौर पर होने वाले शोर-शराबे के बीच बुधवार को माहौल कुछ अलग नजर आया था। कांग्रेस अध्यक्ष खरगे के एक हल्के-फुल्के बयान ने पूरे सदन में हंसी के ठहाके गूंजा दिए। अपने विदाई भाषण के दौरान खरगे ने पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा पर मजाकिया टिप्पणी की, जिसे सुनकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत सभी सदस्य मुस्कुराते नजर आए।खरगे ने कहा कि वह देवेगौड़ा को 54 साल से जानते हैं, लेकिन यह समझ नहीं पाए कि उन्होंने कांग्रेस से “प्यार” किया, लेकिन अंत में भाजपा के साथ चले गए। इस टिप्पणी पर सदन में ठहाके लगे। उन्होंने शरद पवार और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ अपने लंबे संबंधों का भी जिक्र किया। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भी विदा हो रहे सांसदों की सराहना की और कहा कि राजनीति में कभी पूर्ण विराम नहीं होता। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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