दोनों नेताओं को जनवरी में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान कार्रवाई में अहम भूमिका निभाने वाला माना जाता था। इनकी मौत ऐसे समय में हुई है जब ईरान युद्ध जैसी स्थिति का सामना कर रहा है। इस्राइल-अमेरिका के जारी हमलों को इस्लामिक गणराज्य के लिए हाल के दशकों की सबसे बड़ी चुनौती माना जा रहा है।लारीजानी को देश के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिना जाता है, खासकर सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद उनकी भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई थी। लारीजानी पूर्व में संसद अध्यक्ष और वरिष्ठ नीति सलाहकार भी रह चुके थे। परमाणु वार्ता में भी उनकी भूमिका रही थी।जनरल सुलेमानी पर अमेरिका, यूरोपीय संघ और अन्य देशों द्वारा प्रतिबंध लगाए गए थे, क्योंकि उन पर वर्षों से विरोध प्रदर्शनों को दबाने में भूमिका निभाने का आरोप था। वहीं, इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस्राइली सेना के हमलों पर कहा कि इनका उद्देश्य ईरान की सरकार को कमजोर करना है। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से ईरान की जनता को अपनी स्थिति बदलने का अवसर मिल सकता है।इस्राइली विदेश मंत्री गिदोन सार ने भी इस कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि इससे ईरानी नागरिकों की सुरक्षा बेहतर होगी। उन्होंने लारीजानी के संदर्भ में कहा कि उन पर अमेरिका में 10 मिलियन डॉलर का इनाम था, लेकिन हमने यह काम मुफ्त में कर दिया। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
Iran-Israel: इस्राइल के हमले में कमांडर सुलेमानी और अली लारीजानी की हुई मौत, ईरानी सरकारी मीडिया ने की पुष्टि
दोनों नेताओं को जनवरी में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान कार्रवाई में अहम भूमिका निभाने वाला माना जाता था। इनकी मौत ऐसे समय में हुई है जब ईरान युद्ध जैसी स्थिति का सामना कर रहा है। इस्राइल-अमेरिका के जारी हमलों को इस्लामिक गणराज्य के लिए हाल के दशकों की सबसे बड़ी चुनौती माना जा रहा है।लारीजानी को देश के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिना जाता है, खासकर सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद उनकी भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई थी। लारीजानी पूर्व में संसद अध्यक्ष और वरिष्ठ नीति सलाहकार भी रह चुक