इस्राइल ने अली लारिजानी के खिलाफ कैसे चलाया अभियान? लारिजानी का पता लगाने के लिए इस्राइल ने बड़े पैमाने पर खुफिया संसाधनों को तैनात कर दिया था। बताया जाता है कि लारिजानी इस्राइली रडार और खुफिया तंत्र से बचने के लिए खुद काफी सतर्क थे। द यरुशलम पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, लारिजानी को लंबे समय से अंदाजा था कि इस्राइल उनके पीछे अपने खुफिया संसाधनों को लगा चुका है। इसलिए वे बीते दो हफ्तों से लगातार अपनी गुप्त लोकेशन बदल रहे थे।हालांकि, इस्राइल ने अपने हवाई और ईरान में आधारित मानवीय खुफिया तंत्र के आधार पर उनका पता लगा लिया। इसे इस्राइल ने अपनी विशेष ट्रैकिंग क्षमता बताया। हालांकि, कुछ अपुष्ट एक्स और फेसबुक पोस्ट में इससे जुड़ी कॉन्स्पिरेसी थ्योरी भी हैं। इनमें दावा किया गया है कि इस्राइली जासूसी एजेंसी- मोसाद का एक 20 वर्षीय एजेंट लारिजानी के करीब ही मौजूद था और उसने लारिजानी की अंगूठी से अपनी एक हूबहू दिखने वाली अंगूठी को बदल लिया था। इस अंगूठी में ट्रैकिंग के लिए सिग्नल मौजूद थे, जिनके जरिए लारिजानी की लोकेशन की सही जानकारी मिली। हालांकि, इन दावों को लेकर कोई भी साक्ष्य सामने नहीं आए हैं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
How Larijani was Killed?: दो हफ्ते तक अमेरिका-इस्राइल की पकड़ से रहे दूर; फिर कैसे मारे गए ईरान के नंबर-2 नेता
इस्राइल ने अली लारिजानी के खिलाफ कैसे चलाया अभियान? लारिजानी का पता लगाने के लिए इस्राइल ने बड़े पैमाने पर खुफिया संसाधनों को तैनात कर दिया था। बताया जाता है कि लारिजानी इस्राइली रडार और खुफिया तंत्र से बचने के लिए खुद काफी सतर्क थे। द यरुशलम पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, लारिजानी को लंबे समय से अंदाजा था कि इस्राइल उनके पीछे अपने खुफिया संसाधनों को लगा चुका है। इसलिए वे बीते दो हफ्तों से लगातार अपनी गुप्त लोकेशन बदल रहे थे।हालांकि, इस्राइल ने अपने हवाई और ईरान में आधारित मानवीय खुफिया तंत्र के आ