आज का शब्द: राशि और सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की कविता- सुख का दिन डूबे डूबे जाए सुख का दिन डूबे डूबे जाए । तुमसे न सहज मन ऊब जाए । खुल जाए न मिली गाँठ मन की, लुट जाए न उठी राशि धन की, धुल जाए न आन शुभानन की, सारा जग रूठे रूठ जाए । उलटी गति सीधी हो न भले, प्रति जन की दाल गले न गले, टाले न बान यह कभी टले, यह जान जाए तो ख़ूब जाए । हमारे यूट्यूब चैनल को Subscribe करें। 6 घंटे पहले …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
आज का शब्द: राशि और सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की कविता- सुख का दिन डूबे डूबे जाए
आज का शब्द: राशि और सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की कविता- सुख का दिन डूबे डूबे जाए सुख का दिन डूबे डूबे जाए । तुमसे न सहज मन ऊब जाए । खुल जाए न मिली गाँठ मन की, लुट जाए न उठी राशि धन की, धुल जाए न आन शुभानन की, सारा जग रूठे रूठ जाए । उलटी गति सीधी हो न भले, प्रति जन की दाल गले न गले, टाले न बान यह कभी टले, यह जान जाए तो ख़ूब जाए । हमारे यूट्यूब चैनल को Subscribe करें। 6 घंटे पहले ...(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)