अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ युद्ध को लेकर ऐसे समय में घिरे हुए नजर आ रहे हैं, जब इस सैन्य कार्रवाई को अमेरिकी जनता का व्यापक समर्थन नहीं मिला है। विश्लेषकों का मानना है कि हाल के इतिहास में शायद ही कोई अमेरिकी राष्ट्रपति इतने कम सार्वजनिक समर्थन के साथ किसी बड़े युद्ध में उतरा हो। उपलब्ध सर्वेक्षणों में कहीं भी ऐसा संकेत नहीं मिलता कि ईरान के खिलाफ युद्ध को लेकर अमेरिकी जनता का बहुमत ट्रंप के साथ खड़ा है। इसके उलट, कई जनमत सर्वेक्षणों में साफ तौर पर इस युद्ध के खिलाफ राय सामने आई है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि आम तौर पर युद्ध जैसे-जैसे लंबा खिंचता है, जनता का समर्थन और घटता जाता है, जिससे ट्रंप के सामने आगे और बड़ी राजनीतिक मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं। ट्रंप ने जनता के सामने कोई स्पष्ट और ठोस मामला पेश नहीं किया रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने युद्ध शुरू होने से पहले अमेरिकी जनता के सामने कोई स्पष्ट और ठोस सार्वजनिक मामला पेश नहीं किया। उन्होंने फारस की खाड़ी में सैन्य जमावड़े को ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर दबाव बनाने और बातचीत के लिए इस्तेमाल की जाने वाली रणनीति के रूप में पेश किया था। लेकिन बहुत कम समय में यह कूटनीतिक दबाव सीधे सैन्य कार्रवाई में बदल गया। कहा जा रहा है कि ट्रंप तेज, चौंकाने वाले और नाटकीय अंदाज में सैन्य कार्रवाई को अंजाम देना चाहते थे, इसलिए उन्होंने युद्ध से पहले व्यापक जनसमर्थन जुटाने की कोशिश नहीं की। किसी युद्ध के समर्थन का सवाल किन बातों पर निर्भर करता है? यह भी माना जा रहा है कि ट्रंप को वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हटाने की अपनी रणनीतिक सफलता से भी हौसला मिला। हालांकि वह कदम भी अमेरिकी ज …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
US: क्या ईरान युद्ध में फंसकर घरेलू मोर्चे पर घिर गए हैं ट्रंप? कमजोर जनसमर्थन और बढ़ती महंगाई बनी बड़ी चुनौती
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ युद्ध को लेकर ऐसे समय में घिरे हुए नजर आ रहे हैं, जब इस सैन्य कार्रवाई को अमेरिकी जनता का व्यापक समर्थन नहीं मिला है। विश्लेषकों का मानना है कि हाल के इतिहास में शायद ही कोई अमेरिकी राष्ट्रपति इतने कम सार्वजनिक समर्थन के साथ किसी बड़े युद्ध में उतरा हो। उपलब्ध सर्वेक्षणों में कहीं भी ऐसा संकेत नहीं मिलता कि ईरान के खिलाफ युद्ध को लेकर अमेरिकी जनता का बहुमत ट्रंप के साथ खड़ा है। इसके उलट, कई जनमत सर्वेक्षणों में साफ तौर पर इस युद्ध के खिलाफ राय सा