समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, घायल छह लोगों को इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। गौतेंग प्रांतीय पुलिस प्रवक्ता ब्रेंडा मुरीडिली के मुताबिक, “अब तक किसी भी संदिग्ध की गिरफ्तारी नहीं हुई है और इस चरण में हमले का मकसद भी अज्ञात है।” उन्होंने बताया कि संदिग्धों की तलाश जारी है और लोगों से जांच में पुलिस की मदद करने की अपील की है।पुलिस ने कहा कि जिस किसी के पास भी इस मामले से जुड़ी कोई जानकारी हो, वह क्राइम स्टॉप नंबर 0860010111 पर संपर्क करे या ‘माईएसएपीएस’ ऐप के जरिए गुमनाम सूचना दे सकता है। यह घटना ऐसे समय हुई है जब सरकार ने एल्डोराडो पार्क और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ाने और चल रही जांच में मदद के लिए दक्षिण अफ्रीकी नेशनल डिफेंस फोर्स (एसएएनडीएफ) के जवानों सहित अतिरिक्त संसाधन तैनात किए हैं।इसी से जुड़ी एक अन्य घटना में, 11 मार्च, 2026 को एसएएनडीएफ सैनिक 11 मार्च, 2026 को एल्डोरैडो पार्क और रिवरली समेत जोहानसबर्ग के कुछ हिस्सों में उतरे, जहां उन्होंने अपनी ताकत का साफ प्रदर्शन किया। यह तैनाती देशव्यापी योजना का हिस्सा है, जिसके तहत सैनिकों को दक्षिण अफ्रीकी पुलिस सेवा (एसएपीएस) की मदद के लिए लगाया गया है ताकि गैंगस्टर गतिविधियों, हिंसक अपराध और संगठित आपराधिक गतिविधियों पर काबू पाया जा सके।गैंग हिंसा से लंबे समय से प्रभावित एल्डोराडो पार्क इलाके में सेना के वाहनों के प्रवेश का वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया गया, जिससे इस तैनाती को लेकर कई तरह की बहस भी छिड़ गई। इससे पहले 14 जून 2025 को जोहानसबर्ग के एल्डोराडो पार्क में एक मस्जिद के बाहर गोलीबारी की घटना में नौ लोगों को गोली मारी गई थी, जिनमें तीन लोगों की मौत हो गई …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
South Africa: जोहानसबर्ग में हमलावरों की अंधाधुंध गोलीबारी में दो की मौत, छह लोग घायल
समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, घायल छह लोगों को इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। गौतेंग प्रांतीय पुलिस प्रवक्ता ब्रेंडा मुरीडिली के मुताबिक, “अब तक किसी भी संदिग्ध की गिरफ्तारी नहीं हुई है और इस चरण में हमले का मकसद भी अज्ञात है।” उन्होंने बताया कि संदिग्धों की तलाश जारी है और लोगों से जांच में पुलिस की मदद करने की अपील की है।पुलिस ने कहा कि जिस किसी के पास भी इस मामले से जुड़ी कोई जानकारी हो, वह क्राइम स्टॉप नंबर 0860010111 पर संपर्क करे या 'माईएसएपीएस' ऐप के जरिए गुमनाम सू