कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणि शंकर अय्यर ने पाकिस्तान के साथ संवाद की अहमियत पर जोर देते हुए कहा कि भारतीय और पाकिस्तानी आम नागरिकों के बीच बातचीत सबसे आसान है। उनका कहना है कि भाषा, मानसिकता और संस्कृति लगभग समान हैं। हम एक-दूसरे को पूरी तरह समझ सकते हैं। उनके कबाब शायद हमारे से बेहतर हों, लेकिन हम दोस्ताना प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं ‘नहीं, हमारे कबाब तुम्हारे से बेहतर हैं!’ #WATCH | Jaipur, Rajasthan: Former Union Minister Mani Shankar Aiyar says, “In this vast subcontinent, specifically the portion known today as India, there exists an overwhelming Hindu majority… But Muslims constitute the largest minority, about 20 crore… 5 crore people… pic.twitter.com/QCtUAoHdLr — ANI (@ANI) March 14, 2026 अय्यर ने भारत की विदेश नीति पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा हम अचानक अमेरिका के प्रति इतने घनिष्ठ और इस्राइल के साथ इतने करीब क्यों हो गए? हम रूस पर इतनी निर्भरता क्यों रखते हैं? अगर विभाजन की त्रासदी नहीं हुई होती, तो उस देश के नागरिक हमारे देश के नागरिक होते। फिर भी हम उनके खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक की बात करते हैं। अगर वास्तव में साहस है, तो आमने-सामने बैठकर बात करें। हमारा सरकार इस निरंतर संवाद का साहस क्यों नहीं दिखा रही? उन्होंने ने कहा कि संवाद आवश्यक है क्योंकि इस प्रक्रिया में दोनों पक्ष अपनी शिकायतें रखेंगे और गलतियों को समझेंगे। उन्होंने इसे लंबी प्रक्रिया बताया जो महीनों तक चल सकती है, और इतिहास के हर पहलू से जुड़ी होगी।मणि शंकर अय्यर ने देश में हिंदू राष्ट्र के विचार को लेकर भी आगाह किया। उन्होंने कहा इस विशाल उपमहाद्वीप में हिंदुओं की संख्या ज्यादा है, …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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