पश्चिम एशिया संघर्ष पर भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि ईरान युद्ध नहीं चाहता था। इलाही ने आरोप लगाया कि जब वे बातचीत की मेज पर थे, तब उन पर हमला किया गया और इसी से इस युद्ध की शुरुआत हुई। एएनआई के साथ बातचीत में डॉ. इलाही ने कहा कि ये वैश्विक समस्याएं और संघर्ष ईरान की वजह से नहीं हैं, बल्कि दूसरे पक्ष द्वारा पैदा किए गए हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ईरान दूसरे लोगों की पीड़ा, गैस, पेट्रोल या तेल की कमी से खुश नहीं है। हालांकि, उन्होंने अपनी रक्षा करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। इलाही ने दुनिया के नेताओं से अपील की कि यह उनका कर्तव्य और जिम्मेदारी है कि वे संयुक्त राज्य अमेरिका पर दबाव डालें। उन्होंने आग्रह किया कि वैश्विक नेता अमेरिका से कहें कि इस युद्ध को रोका जाए, क्योंकि लोग पीड़ित हैं। युद्ध की शुरुआत पर ईरान का रुख डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने मौजूदा संघर्ष के लिए दूसरे पक्ष को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि ईरान बातचीत के माध्यम से समाधान चाहता था। उनके अनुसार, बातचीत के दौरान ही उन पर हमला किया गया। इसी हमले के कारण यह युद्ध शुरू हुआ, जिसमें कई लोग प्रभावित हुए हैं। वैश्विक नेताओं से अपील और जिम्मेदारी ईरान के प्रतिनिधि ने वैश्विक नेताओं से इस संघर्ष को समाप्त करने में भूमिका निभाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि दुनिया के नेताओं का यह कर्तव्य है कि वे संयुक्त राज्य अमेरिका पर दबाव डालें। इलाही ने उनसे युद्ध रोकने की अपील की, ताकि पीड़ित लोगों को राहत मिल सके। यह जिम्मेदारी वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है। होर्मुज से जुड़े …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
Iran War: 'हम युद्ध नहीं चाहते, वैश्विक नेताओं की जिम्मेदारी वे जंग रुकवाएं', बोले भारत में ईरान के प्रतिनिधि
पश्चिम एशिया संघर्ष पर भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि ईरान युद्ध नहीं चाहता था। इलाही ने आरोप लगाया कि जब वे बातचीत की मेज पर थे, तब उन पर हमला किया गया और इसी से इस युद्ध की शुरुआत हुई। एएनआई के साथ बातचीत में डॉ. इलाही ने कहा कि ये वैश्विक समस्याएं और संघर्ष ईरान की वजह से नहीं हैं, बल्कि दूसरे पक्ष द्वारा पैदा किए गए हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ईरान दूसरे लोगों की पीड़ा, गैस, पेट्रोल या तेल की