1 of 12 Farooq Abdullah Attack - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स Link Copied वीरवार को पुरानी मंडी में कमल के घर के बाहर सुबह से पुलिस की तैनाती थी। गली में मीडिया का जमवाड़ा था। स्थानी लोग और दुकानदार को यकीन नहीं था अक्सर गली से चुपचाप निकले वाले कमल ने पूर्व मुख्यमंत्री को जान से मारने की कोशिश की है। शांत आचरण, न किसी से लड़ाई न झगड़ा इसके बावजूद कमल सिंह जम्वाल की ओर से डॉ. फारूक अब्दुल्ला पर पिस्तौल तानकर गोली मारने की कोशिश से पुराने मंडी में उसके रिश्तेदार और मोहल्लेवासी सकते में हैं। कोई समझ नहीं पा रहा है कि आखिर उसने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया। इसका जवाब किसी के पास नहीं है लेकिन हर कोई जवाब जानना चाहता है। यह वीडियो/ हटाएं 2 of 12 हमले के बाद मीडिया के सामने फारूक अब्दुल्लाह - फोटो : पीटीआई कमल के घर से कुछ ही दूरी पर चैन सिंह का घर है। उन्होंने कहा कि कमल का मानसिक संतुलन खराब है ऐसी बात नहीं। ऐसा होता तो मोहल्ले में उसकी हर किसी से लड़ाई होती। कई वर्षों से मैंने उसकी किसी के साथ लड़ाई या बहसबाजी होती नहीं देखी। 3 of 12 हमले के बाद मीडिया के सामने फारूक अब्दुल्लाह - फोटो : पीटीआई जनवरी में दुकान को लेकर विवाद हुआ था जो मामला न्यायालय में है। मोहल्ले में उनके व्यवहार पर कोई नकारात्मक बात नहीं कर रहा है। हर कोई बस सकते में है आखिर कमल ने यह कदम क्यों उठाया। कमल के परिवार में पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा है। 4 of 12 डॉ. फारूक अब्दुल्लाह पर फायरिंग - फोटो : वीडियो ग्रैब बेटियां शादीशुदा हैं। कमल की तीन दुकाने पुरानी मंडी में, जिनका उसे भाड़ा मिलता है। उससे ही उसका घर का खर्च चलता है। मामला वीवीआईपी पर गो …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
Farooq Abdullah Attack: न किसी से लड़ाई न झगड़ा फिर आरोपी कमल ने क्यों उठाया ये कदम? पड़ोसियों ने खोला राज
1 of 12 Farooq Abdullah Attack - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स Link Copied वीरवार को पुरानी मंडी में कमल के घर के बाहर सुबह से पुलिस की तैनाती थी। गली में मीडिया का जमवाड़ा था। स्थानी लोग और दुकानदार को यकीन नहीं था अक्सर गली से चुपचाप निकले वाले कमल ने पूर्व मुख्यमंत्री को जान से मारने की कोशिश की है। शांत आचरण, न किसी से लड़ाई न झगड़ा इसके बावजूद कमल सिंह जम्वाल की ओर से डॉ. फारूक अब्दुल्ला पर पिस्तौल तानकर गोली मारने की कोशिश से पुराने मंडी में उसके रिश्तेदार और मोहल्लेवासी सकते में हैं। कोई समझ