Talking to leaders of Russia and Pakistan, I reaffirmed Iran’s commitment to peace in the region. The only way to end this war—ignited by the Zionist regime & US—is recognizing Iran’s legitimate rights, payment of reparations, and firm int’l guarantees against future aggression. — Masoud Pezeshkian (@drpezeshkian) March 11, 2026 तेल और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। वैश्विक बाजारों में महंगाई की आशंका गहराई है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव और पाबंदियों के कारण तेल टैंकरों की आवाजाही प्रभावित हुई है, जिससे ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बढ़ा है। पेजेशकियन ने यह बयान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दिया। उन्होंने लिखा, “रूस और पाकिस्तान के नेताओं से बातचीत में मैंने क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए ईरान की प्रतिबद्धता दोबारा पक्की की। यह युद्ध, जो यहूदी शासन (इस्राइल) और अमेरिका की वजह से शुरू हुआ, केवल तब रोका जा सकता है जब ईरान के कानूनी अधिकारों को मान्यता मिले, हर्जाना दिया जाए और भविष्य में हमले से बचाव के लिए अंतरराष्ट्रीय गारंटी हो।“अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष का असर अब पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर दिखाई देने लगा है। ईरान की कूटनीतिक पहल ईरान की यह कूटनीतिक पहल ऐसे समय में सामने आई है जब युद्ध अपने दूसरे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है और फिलहाल तनाव कम होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। तेहरान ने स्पष्ट किया है कि वह क्षेत्र में शांति चाहता है, लेकिन इसके लिए जिम्मेदार देशों को जवाबदेह ठहराना आवश्यक है। गौरतलब है कि यह संघर्ष 28 फरवरी को उस समय शुरू हुआ जब अमेरिका और इस्राइल ने ईरान के खिलाफ संयुक्त हमला किया। इसके जवाब में ईरान न …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
West Asia Unrest: क्या थमने वाला है ईरान और US-इस्राइल का संघर्ष? राष्ट्रपति पेजेशकियन की बातों से मिले संकेत
Talking to leaders of Russia and Pakistan, I reaffirmed Iran’s commitment to peace in the region. The only way to end this war—ignited by the Zionist regime & US—is recognizing Iran’s legitimate rights, payment of reparations, and firm int'l guarantees against future aggression. — Masoud Pezeshkian (@drpezeshkian) March 11, 2026 तेल और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। वैश्विक बाजारों में महंगाई की आशंका गहराई है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव और पाबंदियों के कारण तेल टैंकरों की आवाजाही प्रभावित