सीमित आय में बेटे के लिए किया संघर्ष अशोक राणा मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने वर्ष 1989 से 2021 तक दिल्ली में आईजीआई एयरपोर्ट स्थित एक होटल में नौकरी की। सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें सीमित पेंशन मिलती है। बताया गया कि पेंशन से गुजारा मुश्किल होने के कारण वह खाद्य सामग्री बनाकर बेचते हैं और उसी आय से परिवार का खर्च व बेटे हरीश के इलाज का खर्च उठाते रहे। मुलाकात के दौरान अधिकारियों ने उन्हें स्वरोजगार से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी और भविष्य में हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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