सेंसेक्स की कंपनियों का हाल तेल की कीमतों में जोरदार उछाल अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती सैन्य गतिविधियों के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। बाजार में आशंका है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए होने वाली तेल आपूर्ति बाधित हो सकती है, जो दुनिया के सबसे अहम तेल ट्रांजिट मार्गों में से एक है। कच्चे तेल की कीमतें जुलाई 2022 के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं और लगभग तीन साल में पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गईं। ब्रेंट क्रूड 20% से ज्यादा उछलकर 110 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया। पिछले सप्ताह ही इसमें लगभग 28% की तेज रैली दर्ज की गई थी। कीमतें 52-सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंच गई हैं। सोना-चांदी में उतार-चढ़ाव एशियाई कारोबार के दौरान सोमवार को कीमती धातुओं में भी भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। स्पॉट गोल्ड 2.12% गिरकर 5,049 डॉलर प्रति औंस स्पॉट सिल्वर 3.51% गिरकर 81.34 डॉलर प्रति औंस कुल मिलाकर भू-राजनीतिक तनाव के बीच निवेशकों द्वारा पोजिशन एडजस्ट करने के कारण सोना और चांदी में लगभग 3.5% तक गिरावट दर्ज की गई। एशियाई बाजारों में बड़ी गिरावट तेल की कीमतों में तेज उछाल और बढ़ते वैश्विक जोखिम के कारण एशियाई शेयर बाजारों में भारी बिकवाली देखने को मिली। जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 6.22% गिरा और 6 फरवरी के बाद पहली बार 53,000 के नीचे आ गया टॉपिक्स इंडेक्स 5.27% लुढ़क गया दक्षिण कोरिया का कोस्पी 6.68% गिर गया तेज अस्थिरता के चलते दक्षिण कोरिया में कोस्पी 200 फ्यूचर्स की ट्रेडिंग अस्थायी रूप से रोकनी पड़ी। पिछले सप्ताह भी वहां बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई थी, जब बेंचमार्क इंडेक्स 12% से ज्यादा टूट गया था और सर्किट ब्रेकर लगाना …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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