क्या इस संकट से कॉरपोरेट कंपनियों और महंगाई पर सीधा असर पड़ेगा? जी हां। कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से लॉजिस्टिक्स, ट्रांसपोर्टेशन, विमानन और मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टर्स की लागत बढ़ जाएगी। इसका सीधा असर महंगाई पर होगा, क्योंकि माल ढुलाई महंगी होने से आम जरूरत की चीजें महंगी हो जाएंगी। हालांकि वित्त मंत्री ने सोमवार को लोकसभा में देश को भरोसा दिया है कि क्रूड ऑयल की कीमतें भरते से तत्कालिक रूप से देश में महंगाई बढ़ने की आशंका नहीं है। दूसरी ओर, विश्लेषक निफ्टी की कंपनियों की आय में 12% वृद्धि की उम्मीद कर रहे थे, उनका मानना है कि अब कंपनियों के मार्जिन सिकुड़ेंगे और अर्निंग रिकवरी शिथिल पड़ सकती है। क्या भारतीय अर्थव्यवस्था इस भारी झटके को सहने के लिए तैयार है? राहत की बात यह है कि भारत इस बार पिछले संकटों की तुलना में काफी मजबूत स्थिति में है। सरकार के पास कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का 25 करोड़ (250 मिलियन) बैरल का बफर रिजर्व मौजूद है, जो सात से आठ हफ्ते की जरूरत पूरी कर सकता है। इसके अतिरिक्त, भारत ने अब 27 के मुकाबले करीब 40 देशों से तेल मंगाना शुरू कर दिया है। खाड़ी देशों के अलावा रूस, पश्चिम अफ्रीका, अमेरिका और मध्य एशियाई देशों से भी आपूर्ति हासिल हो रही है। हमारा 60% तेल अब वैकल्पिक रास्तों से आ रहा है। विदेशी मुद्रा भंडार और मजबूत आर्थिक बुनियादी ढांचे (वित्तीय वर्ष की पहली छमाही में चालू खाता घाटा मात्र 0.8%) से भी अर्थव्यवस्था को एक सुरक्षा कवच मिला हुआ है। अब आगे क्या हो सकता है? फिलहाल भारत के मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार और विविध ऊर्जा स्रोतों ने अर्थव्यवस्था को एक ढाल प्रदान की है। लेकिन, अगर मध्य-पूर्व का यह युद्ध लंबा खिंचता है, तो महंगाई, कॉरपोरेट …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
जंग का तिहरा आर्थिक प्रहार: कच्चे तेल में आग, रुपया पस्त और बाजार धड़ाम; पांच आसान सवालों में समझें पूरा संकट
क्या इस संकट से कॉरपोरेट कंपनियों और महंगाई पर सीधा असर पड़ेगा? जी हां। कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से लॉजिस्टिक्स, ट्रांसपोर्टेशन, विमानन और मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टर्स की लागत बढ़ जाएगी। इसका सीधा असर महंगाई पर होगा, क्योंकि माल ढुलाई महंगी होने से आम जरूरत की चीजें महंगी हो जाएंगी। हालांकि वित्त मंत्री ने सोमवार को लोकसभा में देश को भरोसा दिया है कि क्रूड ऑयल की कीमतें भरते से तत्कालिक रूप से देश में महंगाई बढ़ने की आशंका नहीं है। दूसरी ओर, विश्लेषक निफ्टी की कंपनियों की आय में 12% वृद्धि की