दूसरी ओर ईरान ने बहरीन के एक समुद्री जल को पीने योग्य बनाने वाले संयंत्र (डिसेलिनेशन प्लांट) को निशाना बनाया। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने दावा किया कि अमेरिका के हवाई हमले से केश्म द्वीप पर स्थित ईरानी डिसेलिनेशन प्लांट को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि इस तरह के बुनियादी ढांचे पर हमला करने की परंपरा अमेरिका ने शुरू की है, ईरान ने नहीं। खाड़ी क्षेत्र के रेगिस्तानी देशों में पीने के पानी के लिए ऐसे संयंत्र बेहद अहम माने जाते हैं। तेहरान में तेल भंडारण केंद्र पर इस्राइली हमले के बाद आसमान में आग की ऊंची लपटें उठती देखी गईं। वीडियो फुटेज में शनिवार रात शहर के आसमान में तेज चमक दिखाई दी। माना जा रहा है कि इस युद्ध के दौरान पहली बार किसी नागरिक औद्योगिक प्रतिष्ठान को निशाना बनाया गया है। लगातार हो रहे हमलों से वैश्विक बाजारों में भी अस्थिरता देखी जा रही है, हवाई यातायात प्रभावित हुआ है और सैकड़ों इस्राइली व अमेरिकी हमलों के कारण ईरान की नेतृत्व व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। रॉयटर्स के अनुसार, विशेषज्ञों की सभा के सदस्य अयातुल्ला हुसैन अली एशकेवारी ने ये दावा किया है। एशकेवारी ईरान की 88 सदस्यों वाली विशेषज्ञों की सभा के सदस्य हैं। उन्होंने बताया कि नए सुप्रीम लीडर को लेकर मतदान हो चुका है और परिणाम जल्द घोषित किए जाएंगे। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सर्वोच्च नेता के चयन में व्यक्तिगत रूप से शामिल होने की इच्छा जाहिर की है। ट्रंप ने मोजतबा की संभावित उम्मीदवार के रूप में आलोचना की थी और मोजतबा खामेनेई को अस्वीकार्य बताया था। ट्रंप ने कहा कि वे ऐसे नेता को प्राथमिकता देंगे, जो ईरान में …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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