पश्चिम एशिया में अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच छिड़े सैन्य संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में अचानक तेज उछाल आया है। लेकिन, आम जनता और निवेशकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को लोकसभा बताया कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई इस तेजी का भारत की महंगाई दर पर फिलहाल कोई असर पड़ेगा, इसकी आशंका नहीं है। लगातार गिरती महंगाई: उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) द्वारा मापी गई औसत खुदरा महंगाई दर 2023-24 के 5.4% से घटकर 2024-25 में 4.6% और 2025-26 (अप्रैल-जनवरी) में महज 1.8% पर आ गई है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) द्वारा मापी गई औसत खुदरा महंगाई दर 2023-24 के 5.4% से घटकर 2024-25 में 4.6% और 2025-26 (अप्रैल-जनवरी) में महज 1.8% पर आ गई है। आरबीआई के लक्ष्य के करीब: जनवरी 2026 में हेडलाइन महंगाई दर 2.75% थी, जो रिजर्व बैंक (आरबीआई) के 4% से 2% के टॉलरेंस बैंड के सबसे निचले स्तर के पास है। जनवरी 2026 में हेडलाइन महंगाई दर 2.75% थी, जो रिजर्व बैंक (आरबीआई) के 4% से 2% के टॉलरेंस बैंड के सबसे निचले स्तर के पास है। ब्याज दरों में राहत: महंगाई को नियंत्रित रखने के लिए आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने फरवरी 2025 से अब तक पॉलिसी रेट में कुल 125 बेसिस पॉइंट्स की कटौती की है। 28 फरवरी 2026 को पश्चिमी एशिया में भू-राजनीतिक तनाव शुरू होने से पहले, पिछले एक साल से भारत द्वारा आयात किए जाने वाले कच्चे तेल की कीमतें लगातार गिर रही थीं।28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर सैन्य हमले और उसके बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई से हालात बदल गए।इसके असर से, भारतीय बास्केट के लिए कच्चे तेल की कीमत फर …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
Crude Prices: क्या कच्चे तेल में उबाल के बावजूद महंगाई नहीं बढ़ेगी? जानिए वित्त मंत्री लोकसभा में क्या बोलीं
पश्चिम एशिया में अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच छिड़े सैन्य संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में अचानक तेज उछाल आया है। लेकिन, आम जनता और निवेशकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को लोकसभा बताया कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई इस तेजी का भारत की महंगाई दर पर फिलहाल कोई असर पड़ेगा, इसकी आशंका नहीं है। लगातार गिरती महंगाई: उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) द्वारा मापी गई औसत खुदरा महंगाई दर 2023-24 के 5.4% से घटकर 2024-25 में 4