और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं इंडिगो ने शनिवार को बताया कि उसके यहां एक हजार से ज्यादा महिला पायलट काम कर रही हैं। साथ ही कंपनी के कुल कर्मचारियों में महिलाओं की हिस्सेदारी 45 फीसदी से अधिक है। एयरलाइन ने बताया कि उसके यहां महिला पायलट कुल पायलटों का 17.5 फीसदी हैं। यह दुनिया के औसत से तीन गुना से भी ज्यादा है। इंडिगो के मुताबिक, हवाई अड्डा संचालन करने वाले कर्मियों में 30 फीसदी से अधिक महिलाएं हैं। संचालन नियंत्रण केंद्र में करीब 25 फीसदी महिलाएं काम कर रही हैं। एयरलाइन के वित्त विभाग में 20 फीसदी से ज्यादा महिलाएं हैं। डिजिटल क्षेत्र में भी 15 फीसदी से अधिक महिलाओं की भागीदारी है। कंपनी के नेतृत्व वाले पदों पर भी महिलाओं की हिस्सेदारी 23 फीसदी से अधिक है। इंडिगो ने कहा कि वह विविधता और समान अवसर वाले कार्यस्थल को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। कंपनी ने कहा कि भारत में विमानन क्षेत्र में नई पीढ़ी की महिलाओं की आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए यह प्रयास किए जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस हर साल आठ मार्च को मनाया जाता है। ये भी पढ़ें: एअर इंडिया में कितनी महिला कर्मचारी किस भूमिका में? वहीं, एअर इंडिया ने भी शनिवार को बताया कि उसके यहां कुल पायलटों में 16 फीसदी महिलाएं हैं। यह भी दुनिया के औसत से करीब तीन गुना ज्यादा है। एयरलाइन ने कहा कि उसके केबिन क्रू में 84 फीसदी महिलाएं हैं। एयरलाइन के संचालन में महिलाओं की भूमिका काफी अहम है। हवाई अड्डा संचालन में भी महिलाओं की संख्या बढ़ी है। पिछले दो वर्षों में यह 24 फीसदी से बढ़कर 31 फीसदी हो गई है। सुरक्षा विभाग में भी महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है। यह 14 फीसदी से बढ़क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
विमानन क्षेत्र में महिलाओं की उड़ान: केबिन क्रू से ऑपरेशन तक भागीदारी, इंडिगो-एअर इंडिया में कितनी कर्मचारी?
और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं इंडिगो ने शनिवार को बताया कि उसके यहां एक हजार से ज्यादा महिला पायलट काम कर रही हैं। साथ ही कंपनी के कुल कर्मचारियों में महिलाओं की हिस्सेदारी 45 फीसदी से अधिक है। एयरलाइन ने बताया कि उसके यहां महिला पायलट कुल पायलटों का 17.5 फीसदी हैं। यह दुनिया के औसत से तीन गुना से भी ज्यादा है। इंडिगो के मुताबिक, हवाई अड्डा संचालन करने वाले कर्मियों में 30 फीसदी से अधिक महिलाएं हैं। संचालन नियंत्रण केंद्र में करीब 25 फीसदी महिलाएं काम कर रही हैं। एयरलाइन के वित्त विभाग में 20 फीसदी