आज का शब्द: वामा और सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की कविता- विनय ‘हिंदी हैं हम’ शब्द शृंखला में आज का शब्द है- वामा, जिसका अर्थ है- स्त्री, लक्ष्मी, दुर्गा। प्रस्तुत है सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की कविता- विनय पथ पर मेरा जीवन भर दो, बादल हे, अनंत अंबर के! बरस सलिल, गति ऊर्मिल कर दो! तट हों विटप छाँह के, निर्जन, सस्मित-कलिदल-चुंबित-जलकण, शीतल शीतल बहे समीरण, कूजें द्रुम-विहंगगण, वर दो! दूर ग्राम की कोई वामा आए मंद चरण अभिरामा, उतरे जल में अवसन श्यामा, अंकित उर छबि सुंदरतर हो! हमारे यूट्यूब चैनल को Subscribe करें। 7 घंटे पहले …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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