राज्यसभा की 37 सीटों पर चुनाव की प्रक्रिया चल रही है। इस प्रक्रिया में जिस नाम की सबसे ज्यादा चर्चा है, वो नीतीश कुमार हैं। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी राज्यसभा के लिए नामांकन कर दिया है। यानी, दो दशक के बाद नीतीश बिहार की सत्ता से अलग होने जा रहे हैं और एक बार फिर केंद्र की सियासत में वापसी कर रहे हैं। इस हफ्ते खबरों के खिलाड़ी में बिहार में बदल रही इसी सियासत पर चर्चा हुई। चर्चा के लिए वरिष्ठ पत्रकार विनोद अग्निहोत्री, पूर्णिमा त्रिपाठी, राकेश शुक्ल, अवधेश कुमार और अभिषेक कुमार मौजूद रहे। अभिषेक कुमार: भाजपा बिहार में अपना मुख्यमंत्री बनाना चाहती थी। उसकी लंबे वक्त से यह इच्छा थी। अब वो इच्छा पूरी होती दिख रही है। इस पूरी हलचल में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जदयू का क्या होगा। नीतीश कुमार ने भविष्य की लीडरशिप तैयार नहीं की। जिस पार्टी में भावी नेतृत्व नहीं उभरेगा, वहां पार्टी के खात्मे की शुरुआत होती है। राजद और भाजपा के बीच में मुझे जो दिखाई दे रहा है कि जदयू का भविष्य डेढ़-दो साल से ज्यादा नहीं चलेगा। राकेश शुक्ल: मुझे जगदीप धनखड़ के इस्तीफे और नीतीश कुमार के सोशल मीडिया पोस्ट में कोई खास अंतर नहीं दिखाई देता है। सबसे बड़ा सवाल ये है कि नीतीश कुमार का क्या होगा। हम ये चर्चा कर रहे हैं कि उनके बेटे निशांत किस भूमिका में आएंगे, लेकिन चर्चा ये होनी चाहिए कि नीतीश का क्या होगा? क्या वो नरेंद्र मोदी कैबिनेट का हिस्सा बनेंगे या सिर्फ सांसद बनकर रहेंगे। पूर्णिमा त्रिपाठी: बिहार चुनाव के वक्त सभी मानकर चल रहे थे कि नीतीश मुख्यमंत्री भले बन गए, लेकिन वो कितने दिन रहेंगे, यह तय नहीं है। यही हुआ भी। उन्होंने भाजपा को चुनाव जिताकर दिया, अब वो उसके लिए कु …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
Khabaron Ke Khiladi: बिहार की सत्ता से नीतीश की विदाई के क्या मायने, खबरों के खिलाड़ी ने बताई अंदर की बात
राज्यसभा की 37 सीटों पर चुनाव की प्रक्रिया चल रही है। इस प्रक्रिया में जिस नाम की सबसे ज्यादा चर्चा है, वो नीतीश कुमार हैं। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी राज्यसभा के लिए नामांकन कर दिया है। यानी, दो दशक के बाद नीतीश बिहार की सत्ता से अलग होने जा रहे हैं और एक बार फिर केंद्र की सियासत में वापसी कर रहे हैं। इस हफ्ते खबरों के खिलाड़ी में बिहार में बदल रही इसी सियासत पर चर्चा हुई। चर्चा के लिए वरिष्ठ पत्रकार विनोद अग्निहोत्री, पूर्णिमा त्रिपाठी, राकेश शुक्ल, अवधेश कुमार और अभिषेक कुमार मौजू