कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि हमारी उच्च शिक्षा प्रणाली वैचारिक हमले की चपेट में है। उन्होंने आगे कहा कि अगर आप हमारे सभी कुलपतियों को देखें, तो उनमें से बड़ी संख्या में कुलपति केवल इसलिए बनाए जा रहे हैं, क्योंकि वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े हैं और एक खास विचारधारा का समर्थन करते हैं। सबसे पहले इसे रोकना होगा। उन्होंने कहा कि भारतीय शिक्षा प्रणाली को आरएसएस के विभाजनकारी दृष्टिकोण तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए। राहुल गांधी ने मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालातों को चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा, जमीन पर देखने पर यह अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच युद्ध जैसा लगता है, लेकिन वास्तव में यह अमेरिका, चीन और रूस के बीच का संघर्ष है।अमेरिका महाशक्ति बने रहने का प्रयास कर रहा है, जबकि चीन धीरे-धीरे इसके करीब पहुंच रहा है। पश्चिम एशिया उर्जा उत्पादन का केंद्र है। पश्चिम एशिया पर हमारी निर्भरता के कारण भारत को इसका सीधा नुकसान उठाना पड़ेगा। भारत में ईंधन और महंगा होने जा रहा है। भारत में आर्थिक विकास धीमा होने जा रहा है। तो हमें इसको लेकर बहुत सावधान रहने की जरूरत है। इस तरह के संघर्षों के बढ़ने की आशंका है। भारत को समझना होगा कि हम एक हिंसक और खतरनाक समय में प्रवेश कर रहे हैं। इसलिए भारत की अपनी नीति स्पष्ट होनी चाहिए। इसलिए भारत को अपनी नीति और इस खतरनाक दौर से निपटने के तरीकों को लेकर स्पष्ट रहना होगा। चीन हमारी सीमा पर है और अमेरिका हमारा सहयोगी है। वे युद्ध के लिए तैयार हो रहे हैं। हमें बहुत सावधानी बरतनी होगी कि हम अचानक इस संघर्ष में न फंस जाएं।भारत में एआई की स्थिति को लेकर कांग्रेस नेता ने कहा, अगर हम अपना डाटा अमेरिका को सौंप देते हैं। अगर ह …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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