और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं ईरान पर कनाडा का रुख मार्क कार्नी ने ओटावा का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि मध्य पूर्व में हो रहे घटनाक्रमों पर कनाडा का रुख साफ है। उन्होंने ईरान को पूरे क्षेत्र में अस्थिरता और आतंक का मुख्य स्रोत बताया और उसके मानवाधिकार रिकॉर्ड की आलोचना की। उन्होंने आगे कहा कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार प्राप्त करने या विकसित करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। ये भी पढ़ें: पश्चिम एशिया में शांति कब-कैसे?: चीन विशेष मध्यस्थता दूत भेजेगा, खाड़ी देशों की पहली आपात बैठक से UAE भी जुड़ा कार्नी का ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बयान कार्नी ने कहा कि कनाडा और उसके अंतरराष्ट्रीय साझेदारों ने ईरान से बार-बार अपने परमाणु कार्यक्रम को खत्म करने का आह्वान किया है। उन्होंने जी7 शिखर सम्मेलन में हुई चर्चाओं और पिछले सितंबर में फिर से लागू किए गए संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों का जिक्र किया। तनाव कम करने का आह्वान कैनबरा में एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कार्नी और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बानीज ने एकजुट रुख दिखाया। उन्होंने मध्य पूर्व में व्यापक शत्रुता को कम करने का आग्रह किया गया और साथ ही ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को रोकने की जरूरत पर जोर दिया गया। अन्य वीडियो- मार्क कार्नी ने ओटावा का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि मध्य पूर्व में हो रहे घटनाक्रमों पर कनाडा का रुख साफ है। उन्होंने ईरान को पूरे क्षेत्र में अस्थिरता और आतंक का मुख्य स्रोत बताया और उसके मानवाधिकार रिकॉर्ड की आलोचना की। उन्होंने आगे कहा कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार प्राप्त करने या विकसित करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।कार्नी ने …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
West Asia Crisis: 'जंग में हिस्सा लेने से नहीं कर सकते इनकार', कनाडा के पीएम मार्क कार्नी का बड़ा बयान
और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं ईरान पर कनाडा का रुख मार्क कार्नी ने ओटावा का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि मध्य पूर्व में हो रहे घटनाक्रमों पर कनाडा का रुख साफ है। उन्होंने ईरान को पूरे क्षेत्र में अस्थिरता और आतंक का मुख्य स्रोत बताया और उसके मानवाधिकार रिकॉर्ड की आलोचना की। उन्होंने आगे कहा कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार प्राप्त करने या विकसित करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। ये भी पढ़ें: पश्चिम एशिया में शांति कब-कैसे?: चीन विशेष मध्यस्थता दूत भेजेगा, खाड़ी देशों की पहली आपात बैठक से UAE भी जुड़ा