राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट में कहा कि पश्चिम एशिया का संघर्ष अब भारत के दरवाजे तक पहुंच गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर आरोप लगाया कि उन्होंने भारत की रणनीतिक स्वायत्तता को त्याग दिया है। राहुल ने कहा कि ऐसे समय में देश को एक स्थिर नेतृत्व की जरूरत है।उन्होंने आगे लिखा, ‘यह संघर्ष हमारे घर तक आ गया है, हिंद महासागर में एक ईरानी युद्धपोत डूब गया है। फिर भी प्रधानमंत्री ने कुछ नहीं कहा है। इसके बजाय, भारत के पास एक समझौता करने वाले प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने हमारी रणनीतिक स्वायत्तता को छोड़ दिया है।‘यह ईरानी युद्धपोत आइरिस देना विशाखापत्तनम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा 2026 (आइएफआर) और मिलान 2026 में हिस्सा लेने के बाद वापस लौट रहा था। भारत ने इस जहाज को इन कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था।राहुल गांधी ने खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण भारत की तेल आपूर्ति पर मंडरा रहे खतरे को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा, ‘भारत की तेल आपूर्ति खतरे में है, क्योंकि हमारे आयात का 40 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। एलपीजी और एलएनजी के लिए तो स्थिति और भी खराब है।‘भारत के पूर्व विदेश सचिव कंवल सिब्बल ने कहा कि ‘आइरिस देना’ ने भारत के बुलावे पर ही इन नौसैनिक अभ्यासों में हिस्सा लिया था। उन्होंने कहा कि अमेरिकी हमले ने भारत की संवेदनशीलता को नजरअंदाज किया है। सिब्बल के मुताबिक, जहाज निहत्था था क्योंकि ऐसे अभ्यासों में जहाज गोला-बारूद लेकर नहीं चल सकते।सिब्बल ने कहा कि यह हमला सुनियोजित था, क्योंकि अमेरिका को इस अभ्यास में ईरानी जहाज की मौजूदगी की जानकारी थी। अमेरिका को भी इस अभ्यास में बुलाया गया था, लेकिन उसने …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
पश्चिम एशिया संकट: 'जंग हमारे घर तक आ गई', राहुल गांधी का पीएम मोदी पर हमला; पूछा- अब तक चुप क्यों?
राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट में कहा कि पश्चिम एशिया का संघर्ष अब भारत के दरवाजे तक पहुंच गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर आरोप लगाया कि उन्होंने भारत की रणनीतिक स्वायत्तता को त्याग दिया है। राहुल ने कहा कि ऐसे समय में देश को एक स्थिर नेतृत्व की जरूरत है।उन्होंने आगे लिखा, 'यह संघर्ष हमारे घर तक आ गया है, हिंद महासागर में एक ईरानी युद्धपोत डूब गया है। फिर भी प्रधानमंत्री ने कुछ नहीं कहा है। इसके बजाय, भारत के पास एक समझौता करने वाले प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने हमारी रणनीतिक स्वायत्तता को छोड़