श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास अमेरिका ने पनडुब्बी से हमला कर ईरानी जहाज को डुबो दिया। इस हमले में 87 लोग मारे गए हैं। इस हमले के बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका को खुली चेतावनी दे दी है। अब्बास अराघची ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि अमेरिका को अपने इस हमले के लिए पछताना पड़ेगा। अराघची ने अपने पोस्ट में क्या लिखा? The U.S. has perpetrated an atrocity at sea, 2,000 miles away from Iran’s shores. Frigate Dena, a guest of India’s Navy carrying almost 130 sailors, was struck in international waters without warning. Mark my words: The U.S. will come to bitterly regret precedent it has set. pic.twitter.com/cxYiI9BLUk— Seyed Abbas Araghchi (@araghchi) March 5, 2026 कब हुआ हमला? अब्बास अराघची ने पोस्ट में लिखा कि अमेरिका ने ईरान के तट से 2,000 मील दूर समुद्र में एक जघन्य अपराध किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना के मेहमान, लगभग 130 नाविकों को ले जा रहे फ्रिगेट ‘डेना’ पर अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में बिना किसी चेतावनी के हमला किया गया। उन्होंने आगे कहा कि मेरी बात याद रखना, अमेरिका को अपने इस कृत्य पर गहरा पछतावा होगा। हिंद महासागर में श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास ईरान की नौसेना का फ्रिगेट आईआरआईएस डेना 4 मार्च की तड़के डूब गया। यह घटना अमेरिका-इस्राइल-ईरान युद्ध के बीच गहरे समुद्री क्षेत्र में हुई पहली बड़ी नौसैनिक घटना मानी जा रही है। इससे संघर्ष के भारत के समुद्री क्षेत्र तक फैलने की आशंका बढ़ गई है। जानकारी के अनुसार जहाज श्रीलंका के गाले शहर से करीब 40 नॉटिकल मील दक्षिण में डूबा। यह पोत हाल ही में विशाखापत्तनम में आयोजित बहुराष्ट …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
IRIS Dena: 'अमेरिका को इस पर पछतावा होगा', ईरानी जहाज पर हमले के बाद अब्बास अराघची ने दी खुली धमकी
श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास अमेरिका ने पनडुब्बी से हमला कर ईरानी जहाज को डुबो दिया। इस हमले में 87 लोग मारे गए हैं। इस हमले के बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका को खुली चेतावनी दे दी है। अब्बास अराघची ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि अमेरिका को अपने इस हमले के लिए पछताना पड़ेगा। अराघची ने अपने पोस्ट में क्या लिखा? The U.S. has perpetrated an atrocity at sea, 2,000 miles away from Iran's shores. Frigate Dena, a guest of India's Navy carrying almost 130 sailors, was struck in inte