हेगसेथ ने कहा, कल हिंद महासागर में एक अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया, जिसे लग रहा था कि वह अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में सुरक्षित है। लेकिन उसे टॉरपीडो से निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा, द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बार किसी दुश्मन जहाज को टॉरपीडो से डुबोया गया है। उस युद्ध की तरह हम जीतने के लिए लड़ रहे हैं।ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ जनरल डैन केन ने इस हमले को अमेरिका की वैश्विक पहुंच का एक असाधारण प्रदर्शन बताया। उन्होंने कहा, जैसा कि रक्षा मंत्री वीडियो दिखाया, 1945 के बाद पहली बार अमेरिकी नौसेना की एक तेजी से हमला करने वाली पनडुब्बी ने एक ही टॉरपीडो मार्क-48 से दुश्मन के युद्धपोत को डुबो दिया और तुरंत असर दिखाया। यह अमेरिका की उस क्षमता का प्रमाण है, जिससे वह दुनिया के किसी भी हिस्से में जाकर लक्ष्य को ढूंढकर तबाह कर सकता है और इस स्तर की क्षमता केवल अमेरिका के पास है।अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने आईआरआईएस देना पर टॉरपीडो हमले का वीडियो जारी किया। इससे पहले श्रीलंका के मीडिया की रिपोर्ट में उनकी नौसेना के हवाले से बताया गया था कि उसने संकट में फंसे आईआरआईएस देना से 30 लोगों को बचा लिया है, जबकि जहाज में 180 लोग सवार थे। यह जहाज श्रीलंका के गॉल तट से करीब 40 किलोमीटर दूर था। यह तट राजधानी कोलंबो के दक्षिण में स्थित है।श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिता हेराथ ने पुष्टि की थी कि बचाए गए लोगों को उपचार के लिए करापिटिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, वॉशिंगटन डीसी में हेगसेथ ने यह भी बताया कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के जारी रहने के बीच बुधवार को और बमवर्षक व लड़ाकू विमान युद्ध क्षेत्र में भेजे जा रहे हैं।पेंटागन ने यह भी दावा किया अमेरिकी सेना ने ईरा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

मूल लेख स्रोत पर पढ़ें