पश्चिम एशिया में गहराते भू-राजनीतिक संकट ने मंगलवार को ग्लोबल वित्तीय बाजारों में हड़कंप मचा दिया है। इजरायल द्वारा लेबनान पर हमले और उसके जवाब में ईरान द्वारा खाड़ी देशों के ऊर्जा बुनियादी ढांचे तथा होर्मुज जलडमरूमध्य में टैंकरों पर किए गए हमलों के बाद निवेशकों में भारी घबराहट है। इसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखा है। बाजार में बिकवाली क्यों हो रही है? बुधवार को शुरुआती कारोबार में निफ्टी 50 करीब 517 अंक यानी लगभग 2.06 फीसदी टूटकर 24,344 के आसपास कारोबार करता नजर आया। वहीं, सेंसेक्स भी करीब 1,700 अंक या 2.17 फीसदी गिरकर 78,596 के स्तर तक आ गया। इंडिया VIX 14% तक पहुंच गया है। आमतौर पर संकट के समय निवेशक इक्विटी (शेयर) बेचकर सुरक्षित निवेश (जैसे सोना और बॉन्ड) की तरफ भागते हैं। लेकिन इस बार बाजार का बर्ताव बिल्कुल अलग है। शेयर, बॉन्ड और सुरक्षित माना जाने वाला सोना, तीनों एक साथ गिर रहे हैं। बाजार की बिकवाली में किनसे बढ़ावा मिल रहा? क्रूड और डॉलर में उछाल: निवेशकों की पहली पसंद अब सिर्फ अमेरिकी डॉलर और तेल हैं। ब्रेंट क्रूड ऑयल में लगभग 7% की भारी तेजी आई है। निवेशकों की पहली पसंद अब सिर्फ अमेरिकी डॉलर और तेल हैं। ब्रेंट क्रूड ऑयल में लगभग 7% की भारी तेजी आई है। ग्लोबल इक्विटी क्रैश: वॉल स्ट्रीट के प्रमुख इंडेक्स (एसएंडपी 500) 2% से अधिक गिर गए, जो दो महीने का सबसे निचला स्तर है। वॉल स्ट्रीट के प्रमुख इंडेक्स (एसएंडपी 500) 2% से अधिक गिर गए, जो दो महीने का सबसे निचला स्तर है। सोने में गिरावट: सोमवार को चार सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंचने वाला सोना 4% गिर गया है। जानकारों के अनुसार, मार्जिन कॉल को चुकाने और लिक्विडिटी (नगदी) जुटाने के लि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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