पश्चिमी एशिया में जारी तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हालात को चिंताजनक बताते हुए शांति और संवाद का रास्ता अपनाने की अपील की है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा कि मौजूदा संकट का समाधान केवल बातचीत और कूटनीतिक प्रयासों से ही संभव है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत हमेशा से शांति, स्थिरता और संवाद का समर्थक रहा है। उन्होंने दोहराया कि किसी भी तरह के सैन्य टकराव से क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ती है, जिसका असर वैश्विक स्तर पर भी पड़ सकता है। ऐसे में सभी पक्षों को संयम बरतते हुए बातचीत की मेज पर लौटना चाहिए।पीएम मोदी ने यह भी कहा कि विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा भारत सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर हर संभव कदम उठाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारत सभी संबंधित देशों के साथ संपर्क में है और शांति बहाली के लिए रचनात्मक भूमिका निभाने को तैयार है।कनाडाई प्रधानमंत्री कार्नी के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद पीएम मोदी ने बताया कि भारत और कनाडा ने यूरेनियम पर एक ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके अलावा, नागरिक परमाणु सहयोग को आगे बढ़ाते हुए दोनों देश छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों पर एक साथ मिलकर काम करेंगे।केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने सोमवार को कहा कि केंद्र सरकार खाड़ी देशों में फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित लाने के लिए पूरी तरह तैयार है और इस संबंध में विदेशों में भारतीय मिशनों के संपर्क में है। मंत्री ने बताया कि युद्ध की स्थिति से प्रभावित नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए संबंधित दूतावासों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा की गई है।जोशी ने कहा ‘जब भी कन्नड़िगा और अन्य भारतीय …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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