अमोदेई का ओपनएआई से क्या नाता रहा और उन्होंने इसे क्यों छोड़ा? 2016 में डारियो ने ओपनएआई ज्वाइन किया और GPT-2 और GPT-3 जैसे बड़े एआई मॉडल्स को विकसित करने के अभियान का नेतृत्व किया। हालांकि, जैसे-जैसे तकनीक उन्नत होती गई, अमोदेई की एआई सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ने लगीं। यह बात ओपनएआई के नेतृत्वकर्ताओं को रास नहीं आई। इसके बाद, उनके साथ तकनीक के कॉमर्शियलाइजेशन और सुरक्षा के मुद्दों पर डारियो के गहरे मतभेद पैदा हो गए। नतीजा यह हुआ कि, दिसंबर 2020 में अमोदेई ने अपनी बहन डेनिएला और कुछ अन्य साथियों के साथ मिलकर ओपनएआई को अलविदा कह दिया। एंथ्रोपिक की कारोबारी सफलता कितनी बड़ी है? 2021 में अमोदेई ने एंथ्रोपिक की नींव रखी और लोकप्रिय एआई चैटबॉट ‘क्लॉड’ (Claude) की शुरुआत की। कंपनी ने कंज्यूमर की बजाय बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) मॉडल पर फोकस किया। आज फाइजर और यूनाइटेड एयरलाइंस जैसी दुनिया की दिग्गज कंपनियां उनके ग्राहक हैं। जुलाई 2025 तक कंपनी की सालाना रिकरिंग रेवेन्यू यानी एआरआर 4.5 अरब डॉलर तक पहुंच गई है, और हालिया मूल्यांकन के मुताबिक कंपनी की कुल कीमत 380 अरब डॉलर आंकी गई है। पेंटागन के साथ एंथ्रोपिक का विवाद क्यों शुरू हुआ? एआई के मोर्चे पर रोज तेजी से बदलते परिदृश्य के बीच अमोदेई नहीं चाहते कि उनके एआई टूल्स का इस्तेमाल ‘बड़े पैमाने पर घरेलू निगरानी’ या ‘पूरी तरह से स्वायत्त हथियारों’ यानी ऑटोनॉमस वेपंस के लिए हो। यही कारण है कि जब पेंटागन ने 20 करोड़ डॉलर के सौदे के तहत कंपनी के टूल्स के किसी भी कानूनी इस्तेमाल की मांग की तो अमोदेई इससे सहमत नहीं थे। उन्होंने पेंटागन के इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। उसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने छह महीने के भीतर सरकारी कामकाज …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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