प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि कांग्रेस अब केवल विरोध की टूलकिट बनकर रह गई है और देश को बदनाम करने का कोई भी अवसर नहीं छोड़ती। उन्होंने एआई समिट के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस ने न केवल अपने कपड़े उतारे, बल्कि पूरी दुनिया के सामने अपना बौद्धिक दिवालियापन भी प्रदर्शित कर दिया। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि जहां पहले मिलेनियल्स ने कांग्रेस को सबक सिखाया था, वहीं अब जेन-जी भी उन्हें साफ करने के लिए तैयार है। 12 वर्षों में बदली भारत की तस्वीर और बढ़ा आत्मविश्वास प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले 12 वर्षों में भारत की बदली हुई तस्वीर का उल्लेख करते हुए कहा कि देश ने अपनी अंतर्निहित शक्ति को पहचाना है। उन्होंने कहा कि देश के बढ़ते आत्मविश्वास का ही परिणाम है कि आज विकसित देश भी भारत के साथ व्यापार समझौते के लिए आगे आ रहे हैं। एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “हमने अपनी अंतर्निहित शक्तियों को पहचान कर अपने संस्थानों को मजबूत किया है। यदि देश अब भी 2014 से पहले के युग की निराशा में डूबा हुआ होता, कमजोर पांच देशों में गिना जाता और नीतिगत गतिरोध से ग्रस्त होता, तो भला कौन हमारे साथ व्यापार समझौता करता?” प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत अब गुलामी की मानसिकता से बाहर निकल चुका है। उन्होंने याद दिलाया कि एक समय ऐसा था जब भारत अंतरराष्ट्रीय तकनीकों की नकल करता था और दुनिया से स्वीकृति मिलने का इंतजार करता था। यह केवल राजनीतिक ही नहीं, बल्कि एक गहरी मानसिक गुलामी थी। डिजिटल क्रांति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जब वे अन्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों से मिलते हैं, तो वे जनधन, आधार और मोबाइल …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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