आइए जानते हैं उस जीत के बारे में जिसने रिंकू को रातोंरात बनाया स्टार आखिरी ओवर में केकेआर को जीत के लिए 29 रन की जरूरत थी। क्रीज पर रिंकू सिंह थे। उनके घरवालों ने भी जीत की उम्मीद छोड़ दी थी। फिर भी आखिरी गेंद फेंके जाने तक सभी टीवी स्क्रीन के सामने बैठे रहे। रिंकू के पिता खानचंद्र, मां बीना देवी सहित पूरा परिवार रिंकू सिंह का मैच देख रहा था। रिंकू के छोटे भाई जीतू ने बताया था कि आईपीएल में पहली बार भैया ने अच्छा खेला। आखिरी ओवर में जब 29 रन बनाने थे, तो सभी ने मान लिया था कि मैच जीतना मुश्किल होगा, लेकिन कहते हैं कि जब तक क्रिकेट में आखिरी गेंद न फेंक दी जाए किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होती है। ऐसा ही इस मैच में भी देखने को मिला, जब एक गेंद पर जीत के लिए चार बनाने थे, जिसे भैया ने छक्का मारकर हारी बाजी पलट दी। भैया की बल्लेबाजी और केकेआर की जीत पर मम्मी, पापा और घर वाले सभी खुश हुए। जश्न मनाने लगे। इसके बाद लोगों के फोन बधाई देने के लिए आने लगे। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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