पेश तथ्य गवाहों के बयानों से मेल नहीं खाते जज सिंह ने सुनवाई के दौरान एजेंसी पर कई बार नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि चार्जशीट में काफी विरोधाभास हैं। हजारों पेजों में पेश तथ्य गवाहों के बयानों से मेल नहीं खाते। फैसले में जेल में बिताए समय पर भी टिप्पणी की गई। अदालत ने नोट किया कि मनीष सिसोदिया करीब 530 दिन जेल में रहे, जबकि अरविंद केजरीवाल दो बार के अंतराल में 156 दिन हिरासत में थे। केजरीवाल को 13 सितंबर 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई मामले में जमानत दी थी। जज ने सुनवाई के दौरान सीबीआई की चार्जशीट पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रस्तुत दस्तावेज चार्जशीट से मेल नहीं खाते। आरोप तय करने पर 12 फरवरी 2026 को फैसला सुरक्षित रखा गया था। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
केजरीवाल बाइज्जत बरी: 598 पेज के आदेश में कोर्ट ने क्या कहा? जज ने CBI अधिकारियों पर ही कर दी कार्रवाई की बात
पेश तथ्य गवाहों के बयानों से मेल नहीं खाते जज सिंह ने सुनवाई के दौरान एजेंसी पर कई बार नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि चार्जशीट में काफी विरोधाभास हैं। हजारों पेजों में पेश तथ्य गवाहों के बयानों से मेल नहीं खाते। फैसले में जेल में बिताए समय पर भी टिप्पणी की गई। अदालत ने नोट किया कि मनीष सिसोदिया करीब 530 दिन जेल में रहे, जबकि अरविंद केजरीवाल दो बार के अंतराल में 156 दिन हिरासत में थे। केजरीवाल को 13 सितंबर 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई मामले में जमानत दी थी। जज ने सुनवाई के दौरान सीबीआई की चार्ज