और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं प्रधानमंत्री ने कहा, ‘1970 में पाकिस्तान के साथ हुए युद्ध के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल जेएफआर जैकब के वीरतापूर्ण योगदान को व्यापक रूप से जाना जाता है।’ कौन थे लेफ्टिनेंट जनरल जेएफआर जैकब? लेफ्टिनेंट जनरल जैक फर्ज राफेल जैकब वर्ष 1971 में भारतीय सेना की पूर्वी कमान के चीफ ऑफ स्टाफ थे। उन्हें जेएफआर जैकब के नाम से भी जाना जाता है। जैकब ने तेज हमलों की योजना तैयार की थी, जिसे युद्ध के चरम पर पूर्वी पाकिस्तान पर आक्रमण के लिए अपनाया गया। इस योजना के कारण भारतीय सेना केवल 15 दिनों में ढाका तक पहुंचने में सफल रही। उनकी योजना के अनुसार पाकिस्तान की कमान और संचार व्यवस्था को निष्क्रिय करना था और बीच के शहरों को पूरी तरह दरकिनार करते हुए वैकल्पिक मार्गों से ढाका पहुंचना था, जो उस क्षेत्र का राजनीतिक और रणनीतिक केंद्र था। 16 दिसंबर 1971 को ऐतिहासिक आत्मसमर्पण पत्र लेकर जाने वाले जेएफआर जैकब ही थे। उन्होंने पाकिस्तान सेना की पूर्वी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल एएके नियाजी को आधे घंटे के भीतर शर्तें स्वीकार करने के लिए तैयार कर लिया था। जनरल जैकब ने ढाका में तैनात नियाजी और उनके 26 हजार सैनिकों से रेसकोर्स मैदान में सार्वजनिक रूप से ऐतिहासिक आत्मसमर्पण करवाया। 1923 में कोलकाता में जन्मे जैकब ने अपनी शिक्षा दार्जिलिंग और अमेरिका में प्राप्त की। उन्होंने भारतीय सेना में शामिल होकर द्वितीय विश्व युद्ध और 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में हिस्सा लिया। बाद में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी में शामिल होकर राजनीतिक जीवन की शुरुआत की और गोवा तथा पंजाब के राज्यपाल के रूप में भी सेवा दी। 13 जनवरी 2016 को 93 वर्ष की आयु …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
Israel: इस्राइली संसद में PM मोदी ने क्यों किया 1971 के भारत-PAK युद्ध का जिक्र? जानें कौन थे ले. जनरल जैकब
और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं प्रधानमंत्री ने कहा, '1970 में पाकिस्तान के साथ हुए युद्ध के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल जेएफआर जैकब के वीरतापूर्ण योगदान को व्यापक रूप से जाना जाता है।' कौन थे लेफ्टिनेंट जनरल जेएफआर जैकब? लेफ्टिनेंट जनरल जैक फर्ज राफेल जैकब वर्ष 1971 में भारतीय सेना की पूर्वी कमान के चीफ ऑफ स्टाफ थे। उन्हें जेएफआर जैकब के नाम से भी जाना जाता है। जैकब ने तेज हमलों की योजना तैयार की थी, जिसे युद्ध के चरम पर पूर्वी पाकिस्तान पर आक्रमण के लिए अपनाया गया। इस योजना के कारण भारतीय सेना केवल 15 दिन