केंद्र सरकार के एक करोड़ से अधिक सरकारी कर्मचारियों और सेवानिवृत्त पेंशनधारियों के लिए एक अहम खबर सामने आई है। लंबे समय से आठवें वेतन आयोग की राह देख रहे कर्मचारियों की वेतन वृद्धि और अन्य मांगों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया अब तेज हो गई है। नई दिल्ली में नेशनल काउंसिल जेसीएम की ड्राफ्ट कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक शुरू हो चुकी है, जिसका मुख्य उद्देश्य वेतन संरचना, भत्ते और पेंशन से जुड़े अहम मुद्दों पर एक साझा ज्ञापन (कॉमन मेमोरेंडम) तैयार करना है। सालाना इंक्रीमेंट (वेतन वृद्धि): मौजूदा व्यवस्था में कर्मचारियों को प्रतिवर्ष तीन प्रतिशत की वार्षिक बढ़ोतरी (इंक्रीमेंट) मिलती है। केंद्रीय कर्मचारी महासंघ का सुझाव है कि इसे बढ़ाकर सात प्रतिशत किया जाए, या फिर कर्मचारियों को साल में दो बार इंक्रीमेंट का वित्तीय लाभ दिया जाए। मौजूदा व्यवस्था में कर्मचारियों को प्रतिवर्ष तीन प्रतिशत की वार्षिक बढ़ोतरी (इंक्रीमेंट) मिलती है। केंद्रीय कर्मचारी महासंघ का सुझाव है कि इसे बढ़ाकर सात प्रतिशत किया जाए, या फिर कर्मचारियों को साल में दो बार इंक्रीमेंट का वित्तीय लाभ दिया जाए। पुरानी पेंशन योजना की बहाली: नई पेंशन व्यवस्था को हटाकर, पुरानी पेंशन योजना को वापस लागू करने की मांग इस ड्राफ्टिंग कमेटी की चर्चाओं का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है। नई पेंशन व्यवस्था को हटाकर, पुरानी पेंशन योजना को वापस लागू करने की मांग इस ड्राफ्टिंग कमेटी की चर्चाओं का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है। मेडिकल और लीव एन्कैशमेंट में भारी इजाफा: जिन क्षेत्रों में केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) की सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां फिक्स्ड मेडिकल अलाउंस को मौजूदा 1,000 रुपये से बढ़ाकर सीध …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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