मौसम वैज्ञानिकों ने इसे एक दशक का सबसे शक्तिशाली तूफान बताया है, जिसे ‘बम चक्रवात’ कहा जा रहा है। ‘बम चक्रवात तब होता है जब 24 घंटे की अवधि में तूफान का दबाव एक निश्चित मात्रा में गिर जाता है। यह मुख्य रूप से शरद ऋतु और सर्दियों में होता है जब आर्कटिक की बर्फीली हवा दक्षिण तक पहुंचकर गर्म तापमान से टकराती है।’ कई इलाकों में दो फीट (60 सेंटीमीटर) से ज्यादा बर्फबारी हुई है। रोड आइलैंड के वारविक में तो तीन फीट से ज्यादा बर्फ गिरी है। तेज हवाओं और भारी बर्फबारी के कारण न्यूयॉर्क, न्यू जर्सी और मैसाचुसेट्स समेत कई राज्यों में आपातकाल घोषित कर दिया गया है।तूफान का असर इतना ज्यादा है कि संयुक्त राष्ट्र को अपनी सुरक्षा परिषद की बैठक स्थगित करनी पड़ी और मुख्यालय बंद करना पड़ा। न्यूयॉर्क शहर में छह साल में पहली बार बर्फबारी के कारण स्कूल बंद किए गए। हालांकि, मेयर जोहरान ममदानी ने मंगलवार से स्कूल खोलने की बात कही है, जिसका कुछ अधिकारियों ने विरोध किया है। परिवहन व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। रेल और बस सेवाएं निलंबित हैं। सड़कों पर फिसलन और कम दृश्यता के कारण यात्रा करना बेहद खतरनाक हो गया है। प्रशासन ने लोगों से घरों में ही रहने की अपील की है। डोरडैश जैसी डिलीवरी सेवाओं ने भी अपना काम रोक दिया है।तूफान के कारण बिजली व्यवस्था पर भी बुरा असर पड़ा है। पावरआउटेज डॉट यूएस के मुताबिक, पूर्वी तट पर 5,70,000 से ज्यादा घरों और व्यवसायों की बिजली गुल हो गई है। मैसाचुसेट्स और न्यू जर्सी में स्थिति सबसे खराब है। तेज हवाओं के कारण बिजली बहाल करने में कर्मचारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, कुछ लोग इस मौसम का आनंद भी ले रहे हैं। टाइम्स स्क्वायर पर पर्यटक …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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