ईरान के साथ बढ़ते तनाव और संभावित सैन्य कार्रवाई की आशंकाओं के बीच अमेरिका ने बड़ा कदम उठाया है। यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट ने सोमवार को आदेश जारी कर बेरूत स्थित अमेरिकी दूतावास से गैर-जरूरी राजनयिकों और उनके परिवारों को लेबनान छोड़ने के निर्देश दिए हैं। विभाग की ओर से जारी ट्रैवल अलर्ट में कहा गया है कि बेरूत की सुरक्षा स्थिति को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। दूतावास में अब केवल आवश्यक कर्मी ही तैनात रहेंगे और उनके देश के भीतर आवागमन पर भी प्रतिबंध लगाया जाएगा। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि दूतावास पूरी तरह बंद नहीं होगा और यह कदम अस्थायी है।अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्रीय सुरक्षा पर लगातार समीक्षा के बाद यह कदम एहतियातन उठाया गया है। लेबनान लंबे समय से ईरान समर्थित संगठन हिजबुल्ला की गतिविधियों का केंद्र रहा है। अमेरिका पहले भी बेरूत में अपने ठिकानों पर हमलों का सामना कर चुका है। ऐसे में दूतावास से कर्मचारियों की वापसी को अक्सर संभावित सैन्य कार्रवाई के संकेत के रूप में देखा जाता है। पिछले वर्ष भी मध्य-पूर्व के कई देशों में इसी तरह का आदेश जारी किया गया था, ठीक उससे पहले जब तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से जुड़े ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई का निर्देश दिया था।अमेरिका ने हाल के हफ्तों में मध्य-पूर्व में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ा दी है। एक और एयरक्राफ्ट कैरियर क्षेत्र की ओर बढ़ रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया है कि यदि ईरान परमाणु कार्यक्रम पर संतोषजनक समझौता नहीं करता, तो सैन्य विकल्प पर विचार किया जा सकता है। इसी बीच ओमान के विदेश मंत्री बदर अल-बुसैदी ने जानकारी दी है कि अमेरिका और ईरान के बीच अगला परमाणु व …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
US Iran Row: हमले के लिए तैयार अमेरिका? लेबनान से गैर-जरूरी राजनयिकों को लौटने का आदेश; मध्य-पूर्व में हलचल
ईरान के साथ बढ़ते तनाव और संभावित सैन्य कार्रवाई की आशंकाओं के बीच अमेरिका ने बड़ा कदम उठाया है। यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट ने सोमवार को आदेश जारी कर बेरूत स्थित अमेरिकी दूतावास से गैर-जरूरी राजनयिकों और उनके परिवारों को लेबनान छोड़ने के निर्देश दिए हैं। विभाग की ओर से जारी ट्रैवल अलर्ट में कहा गया है कि बेरूत की सुरक्षा स्थिति को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। दूतावास में अब केवल आवश्यक कर्मी ही तैनात रहेंगे और उनके देश के भीतर आवागमन पर भी प्रतिबंध लगाया जाएगा। हालांकि अधिकारियों