“मिलकर काम करने की ताकत ही सहकारिता है” अमित शाह ने समझाया, “अगर आप सहकारिता का मतलब समझ लेंगे तो आपके सारे सवाल खुद ही खत्म हो जाएंगे। इसका सीधा सा मतलब है कि सबका मिलकर काम करना और जो भी कमाई हो उसकी बराबर हिस्सेदारी। अमूल इसका सबसे बेहतरीन उदाहरण है। इसे किसी बड़े सेठ ने नहीं बल्कि गुजरात की 36 लाख आम महिलाओं ने मिलकर खड़ा किया है। शुरुआत में इन महिलाओं ने सिर्फ 50-50 रुपये मिलाकर इसे शुरू किया था। धीरे-धीरे और लोग जुड़ते गए और आज यही कंपनी 1 लाख 25 हजार करोड़ रुपये का शानदार बिजनेस कर रही है।” “यह साबित करता है कि जब लोग साथ आते हैं तो छोटी शुरुआत भी बड़ा चमत्कार कर सकती है। आपको जानकर हैरानी होगी कि अमूल से जुड़ी 25 महिलाएं ऐसी हैं जिन्होंने एक साल में 1 करोड़ रुपये से ज्यादा का दूध बेचा है। मैंने विभाग से कहा है कि इन महिलाओं के नाम वेबसाइट पर डालें ताकि सबको पता चले कि आम लोग मिलकर क्या कुछ नहीं कर सकते।” …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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