ओजीडब्ल्यू नेटवर्क के सहारे रहे अब तक जिंदा पिछले ढाई से तीन वर्षों में इन आतंकियों ने छात्रू क्षेत्र के जंगलों और ऊंचाई वाले इलाकों में अस्थायी ठिकाने बना लिए थे। सूत्र बताते हैं कि कुछ ओवर ग्राउंड वर्कर्स की मदद से उन्हें जंगलों में राशन और अन्य सामग्री पहुंचाई जाती रही जिससे वे लंबे समय तक सक्रिय बने रहे। सुरक्षा एजेंसियों ने इस नेटवर्क को तोड़ने के लिए जनवरी से व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। इसके तहत सुरक्षाबलों ने पहले इनकी सप्लाई लाइन को काटा और फिर उन्हें अपने ठिकानों से बाहर निकलने पर मजबूर किया। जब आतंकी बिल से बाहर निकलने लगे तो इन्हें ट्रैक करना आसान हो गया। इससे पहले दच्छन इलाके में हुई मुठभेड़ में आतंकी आदिल को मार गिराया गया था जबकि अन्य की तलाश जारी रही और अब जैश कमांडर समेत तीन आतंकी मार गिराए गए। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
घने जंगल, पथरीले रास्ते और बंदूकों की गड़गड़ाहट: सबसे आगे था जांबाज टायसन, दुश्मन की चाल पढ़कर दी सटीक जानकारी
ओजीडब्ल्यू नेटवर्क के सहारे रहे अब तक जिंदा पिछले ढाई से तीन वर्षों में इन आतंकियों ने छात्रू क्षेत्र के जंगलों और ऊंचाई वाले इलाकों में अस्थायी ठिकाने बना लिए थे। सूत्र बताते हैं कि कुछ ओवर ग्राउंड वर्कर्स की मदद से उन्हें जंगलों में राशन और अन्य सामग्री पहुंचाई जाती रही जिससे वे लंबे समय तक सक्रिय बने रहे। सुरक्षा एजेंसियों ने इस नेटवर्क को तोड़ने के लिए जनवरी से व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। इसके तहत सुरक्षाबलों ने पहले इनकी सप्लाई लाइन को काटा और फिर उन्हें अपने ठिकानों से बाहर निकलने पर