पीएम मोदी ने कहा कि विकसित भारत की नींव आत्मनिर्भरता के आधार पर रखी जाएगी, जिसके लिए भारत में निर्मित चिप्स का होना बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, ‘विकसित भारत का निर्माण तभी होगा जब भारत आत्मनिर्भर होगा। इसके लिए ‘मेड इन इंडिया’ चिप बेहद महत्वपूर्ण है। प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत इस दशक में जो कुछ भी कर रहा है, वह 21वीं सदी में हमारी क्षमताओं की नींव बनेगा।‘प्रधानमंत्री ने कहा कि यह गर्व की बात है कि उत्तर प्रदेश भारत के सेमीकंडक्टर सिस्टम का एक प्रमुख केंद्र बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि जहां भी सेमीकंडक्टर इकाई स्थापित होती है, वहां डिजाइन केंद्र उभरते हैं, स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित होते हैं और नवाचार में तेजी आती है। उन्होंने आज संपन्न हुए इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के बारे में भी बात की।प्रधानमंत्री ने कहा, ‘आज भारत विकास के अपने लक्ष्य की ओर तेजी से प्रगति कर रहा है। मैंने लाल किले से भी कहा है कि भारत के पास रुकने या धीमा होने का समय नहीं है। 2026 की शुरुआत से ही भारत ने अपनी प्रगति में तेजी लाई है और अब यह सप्ताह भी भारत के लिए ऐतिहासिक साबित हो रहा है।‘पीएम मोदी ने कहा, ‘एआई शिखर सम्मेलन के लिए विश्वभर के राष्ट्राध्यक्ष और प्रौद्योगिकी जगत के नेता दिल्ली में एकत्रित हुए। इस शिखर सम्मेलन में दुनिया ने भारत की एआई क्षमता को देखा, हमारे दृष्टिकोण को समझा और उसकी सराहना की।‘प्रधानमंत्री ने कहा, ‘यह दशक भारत के लिए ‘तकनीकी क्रांति’ का दशक है। इस दशक में प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत जो कुछ भी कर रहा है, वह 21वीं सदी में हमारी ताकत का आधार बनेगा। सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत ने भले ही देर से शुरुआत की हो, लेकिन आज हम तेजी से प्रगति कर …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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